वैक्सीन पर कंपनियों से चर्चा के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर जाएंगे अमेरिका

जयशंकर (फाइल फोटो)

वैक्सीन के मसले पर अमेरिका और अमेरिकी कंपनियों से चर्चा के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका का दौरा करेंगे. वह चार दिन के दौरे में अपने समकक्ष ब्लिंकन से भी वार्ता करेंगे.

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    नई दिल्ली. वैक्सीन (Anti Covid Vaccine) के मसले पर अमेरिका और अमेरिकी कंपनियों से चर्चा के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) अमेरिका का दौरा करेंगे. विदेश मंत्रालय ने इस बाबत जानकारी दी है कि जयशंकर 24 से 28 मई तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस से चर्चा करेंगे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक विदेश मंत्री इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच कोरोना पर सहयोग के लिए बिज़नेस फोरम पर चर्चा भी करेंगे.

    मिली जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री के दौरे के वक्त न्यूयॉर्क में उनके संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मिलने की उम्मीद है. वहीं वाशिंगटन डीसी में विदेश मंत्री अपने समकक्ष विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ चर्चा करेंगे. जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित कैबिनेट सदस्यों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे. साथ ही विदेश मंत्री भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और COVID से संबंधित सहयोग पर व्यापार मंचों के साथ बातचीत करेंगे.

    अमेरिकी उद्यमों से बातचीत कर रहा है भारत : विदेश मंत्रालय
    इससे पहले भारत ने कहा कि वह अमेरिकी उद्यमों के साथ कोविड-19 रोधी टीकों की खरीद और बाद में देश में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने डिजिटल माध्यम से सप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उनसे अमेरिका समेत अन्य देशों से टीके की खरीद के बारे में सवाल पूछा गया था.



    बागची ने कहा, ‘हम अमेरिकी उद्यमों के साथ टीके (कोविड-19 रोधी) की खरीद और बाद में भारत में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहे हैं. ’ उन्होंने कहा कि एक बार टीके खरीद या उत्पादन के माध्यम से उपलब्ध हो जाते हैं तब इससे देश में टीके की उपलब्धता की स्थिति मजबूत होगी .

    अमेरिका द्वारा दूसरे देशों को टीके उपलब्ध कराने संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘हमने उन खबरों को देखा है जिसमें अमेरिकी सरकार ने दूसरे देशों को कुछ मात्रा में टीके उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन इस बारे में हमारे पास अभी और जानकारी नहीं है.'

    भारत में निर्मित टीके के बारे में जानकारी सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध
    उन्होंने कहा, ‘विदेशों से जो भी टीके खरीदे जाएंगे, वे हमारे नियामक दिशानिर्देशों के तहत होने की जरूरत है . जहां तक हमारी जानकारी है कि अमेरिका ने भी संकेत दिया है कि उसकी ओर से दूसरे देशों को भेजे जाने वाले टीके उत्पाद गुणवत्ता संबंधी संघीय खाद्य एवं दवा प्रशासन की मंजूरी के अनुरूप होंगे.’ कोविड-19 महामारी के दौरान भारत द्वारा विभिन्न देशों को भेजे गए टीके के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चाहे अनुदान सहायता हो या अनुबंध के आधारित आपूर्ति हो.... दूसरे देशों को भेजे गए भारत में निर्मित टीके के बारे में जानकारी सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि यह पहले ही स्पष्ट किया गया है कि टीके की आपूर्ति घरेलू जरूरतों के आधार पर होगी .

    कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान भारत को दुनिया के देशों से मिल रही सहायता के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया के 40 देशों ने चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति सहित सहायता पहुंचायी और यह भारतीय रेड क्रास के माध्यम से उपलब्ध करायी गई .

    उन्होंने कहा कि इसके बारे में अप्रैल के अंत में विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने विस्तृत जानकारी दी थी . उल्लेखनीय है कि विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा था कि जब महामारी शुरू हुई थी तब भारत ने दुनिया के देशों को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन एवं पैरासिटामोल सहित अन्य आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की थी और यहां तक कि रेमडेसिविर दवा भी दी थी और अब दुनिया के देश भारत को सहयोग देने के लिए आगे आ रहे हैं.

    बागची के अनुसार विदेश सचिव ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए अमेरिका, रूस, यूरोप, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, खाड़ी देशों, पड़ोसी देशों सहित 40 देशों से सहयोग की पेशकश की गई है. उन्होंने कहा था कि भारत महामारी को लेकर इस बात पर जोर देता रहा है कि इससे निपटने और इसे रोकने के लिए सामूहिक पहल की जरूरत है. (भाषा इनपुट के साथ)