फेसबुक विवाद: बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी में ट्विटर वॉर

फेसबुक विवाद: बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी में ट्विटर वॉर
अमित मालवीय ने मनीष तिवारी पर जमकर निशाना साधा है.

Facebook Controversy: बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malaviya) और कांग्रेस (Congress) सांसद मनीष तिवारी (Manish Tewari) सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक विवाद (Facebook Controversy) को लेकर ट्विटर पर भिड़ गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 10:23 PM IST
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नई दिल्ली. सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक (Facebook Controversy) को लेकर कांग्रेस (Congress) नेता मनीष तिवारी (Manish Tewari) और बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malaviya) में ट्विटर वॉर छिड़ गई है. अमित मालवीय ने मनीष तिवारी के एक खत को सार्वजनिक करते हुए बड़ा आरोप लगाया है कि वह फेसबुक को प्रभावित करने के किए लॉबिंग कर रहे है. अमित मालवीय ने ट्वीट किया, 'कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 18 अगस्त को फेसबुक को पत्र लिखा, जिसमे उन्होंने कहा कि जो बातें फेसबुक और बीजेपी-एनडीए सबंधो को लेकर बताई जा रही है, अगर सही है तो काफी गंभीर बात है.'

अमित मालवीय ने कहा, 'मनीष तिवारी का फेसबुक प्रबंधन को उनके वरिष्ठ नीति सलाहकार भारत गोपालस्वामी को संपर्क करने की बात कहना कई आधारों पर एक गंभीर रहस्य को उजागर करता है. उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई भारतीय सांसद अमेरिका में लॉबिस्टों को सलाहकार के रूप में रख सकते है. अमेरिका में इस तरह के लोबिस्ट के पीछे आखिर कांग्रेस की रूचि क्यों है? अमित मालवीय ने बताया है कि भारत गोपालस्वामी ने अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया केंद्र के निदेशक के रूप में कार्य किया, जहां मनीष तिवारी ने भी सेवा की. दिलचस्प बात यह है कि यह वही अटलांटिक काउंसिल है जो फेसबुक को एक तरह से नियंत्रित और मार्गदर्शन करती है.
मनीष तिवारी ने किया पलटवारअमित मालवीय के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पलटवार किया है. मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, 'चूंकि अमित मालवीय ने मुझ पर भारत गोपालस्वामी की पैरवी करने का आरोप लगाया, इसलिए मैं भाजपा से पूछ सकता हूं. भारत सरकार ने अमेरिका में कितने लॉबिस्टों को आधिकारिक तौर पर काम पर रखा है, वे कौन हैं और उन्हें कितना भुगतान किया गया है?' इसके साथ ही मनीष तिवारी ने एक स्क्रीन शॉर्ट को भी शेयर किया है.

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के लिए बता दें कि 14 अगस्त को अमेरिकी अखबार 'Wall Street Journal' में एक लेख छपा था. इस लेख में फेसबुक पर आरोप लगे हैं कि इसके जरिए भारत में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से पोस्ट किए जाने वाले हेट स्पीच के पोस्ट को नज़रअंदाज़ करता है. इस लेख में फेसबुक के एक अधिकारी के हवाले से यह भी कहा गया है कि संस्था के अंदर ऐसा कहा गया था बीजेपी कार्यकर्ताओं को दंडित करने से 'भारत में कंपनी के कारोबार पर असर पड़ेगा.'
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