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BJP सांसद का लोकसभा स्पीकर को खत- फेसबुक विवाद के बाद शशि थरूर छोड़ें संसद पैनल प्रमुख का पद

फोटो साभारः ANI

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Facebook controversy : पिछले दिनों फेसबुक पर BJP नेताओं ओर कार्यकर्ताओं के पक्ष में अपनी नीतियों से समझौता करने का आरोप लगा था. इसके बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा था कि आईटी मामलों की संसदीय समिति इस बारे में फेसबुक की सफाई सुनना चाहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 6:14 PM IST
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नई दिल्ली. फेसबुक से जुड़े विवाद (Facebook controversy) को लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) में राजनीतिक घमासान जारी है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने के बाद लोकसभा स्पीकर को एक और खत लिखा है. इस खत में बीजेपी सांसद ने मांग की है कि शशि थरूर को आईटी मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष पद से हटाया जाए. न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, 'मैंने आज लोकसभा अध्यक्ष को एक और पत्र लिखा है जिसमें शशि थरूर को सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति की बैठकें न करने के लिए राजी करने का अनुरोध किया गया है. मैंने यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए.'

निशिकांत दुबे ने कहा, 'हम किसी सोशल मीडिया का पक्ष नहीं ले रहे हैं. मैंने संसद में कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह ही विनियमित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह बहुत सी नकली और पक्षपाती ख़बरों का प्रचार करता है.' उन्होंने कहा कि मैंने कई बार ये बात कही है कि सोशल मीडिया लोगों की गोपनीयता का उल्लंघन करता है.

शशि थरूर पर नियम उल्लंघन करने का आरोप
इससे पहले बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) ने लोकसभा स्पीकर (Lok Sabha speaker) को एक पत्र लिखा था. अपने पत्र में राज्यवर्धन सिंह ने कहा था कि शशि थरूर ने संसदीय कमेटी के नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा, 'कमेटी के सदस्य किसी के सम्मान करने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कमेटी के नियमों का शशि थरूर ने उल्लंघन किया. कमेटी सदस्यों से बिना चर्चा के नोटिस भेजा गया.'
उन्होंने आगे कहा, 'कमेटी सदस्यों को बताए बिना मीडिया में मामले को लीक किया ग़या जो नियमों के खिलाफ है.'



वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद अमेरिकी अखबार 'वाल स्ट्रीट जर्नल' की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आरंभ हुआ. इस रिपोर्ट में फेसबुक के अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि फेसबुक के वरिष्ठ भारतीय नीति अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक आरोपों वाली पोस्ट डालने के मामले में तेलंगाना के एक भाजपा विधायक पर स्थायी पाबंदी को रोकने संबंधी आंतरिक पत्र में दखलंदाजी की थी. अब कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जुकरबर्ग को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजा गया है.
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