दिल्ली दंगों को लेकर राज्य विधानसभा पैनल ने जारी किया नोटिस तो SC पहुंचा फेसबुक

फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिंडेंट अजित मोहन ने याचिका दायर की है. (सांकेतिक तस्वीर)
फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिंडेंट अजित मोहन ने याचिका दायर की है. (सांकेतिक तस्वीर)

दरअसल दिल्ली विधानसभा के एक पैनल (Delhi Assembly panel) ने फेसबुक को दिल्ली दंगों (Delhi Riots) में रोल को लेकर एक नोटिस जारी किया है. अब फेसबुक ने इस नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसकी जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई ने दी है.

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  • Last Updated: September 23, 2020, 12:01 AM IST
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नई दिल्ली. फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजित मोहन (Facebook India Vice-President Ajit Mohan) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक याचिका दायर की है. इस पर कल सुनवाई होगी. दरअसल दिल्ली विधानसभा के एक पैनल (Delhi Assembly panel) ने फेसबुक को दिल्ली दंगों (Delhi Riots) में रोल को लेकर एक नोटिस जारी किया है. अब फेसबुक ने इस नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसकी जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई ने दी है.

पैनल के सामने पेश नहीं हुए अजित मोहन
गौरतलब है कि बीते सप्ताह विधासनभा के पैनल के नोटिस के बावजूद तय तारीख पर फेसबुक के अधिकारी नहीं पहुंचे थे. कुछ समय पूर्व अमेरिकी अखबर वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ये दावा किया था कि फेसबुक ने जानबूझकर दिल्ली दंगों के दौरान भड़काऊ सामग्री पर रोक नहीं लगाई.

पैनल को भेजा गया खत
अजित मोहन, जो कि फेसबुक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं, को विधानसभा पैनल ने उपस्थिति होने के लिए नोटिस भेजा था. उन्हें पैनल के सामने फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर जानकारी देनी थी. लेकिन वो नहीं पहुंचे. इसके बजाए पैनल को फेसबुक के डायरेक्टर ऑफ ट्रस्ट एंड सेफ्टी विक्रम लांगेह की तरफ से एक खत मिला. इस खत में पैनल के नोटिस पर सवाल खड़े किए गए थे और इसे वापस लेने की अपील की गई थी.





पैनल ने माना अवमानना
पैनल ने इसे सदन की अवमानना माना. पैनल के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष से इसे लेकर सख्त संदेश लिए एक खत लिखने की अपील की. यहां तक कि पैनल के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि फेसबुक केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहा है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में लगे थे आरोप
बता दें कि वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक इंडिया सीनियर एक्जिक्यूटिव्स ने एक बीजेपी नेता का फेसबुक पर स्थाई प्रतिबंध रोकने में मदद की थी. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अंखी दास ने अपने स्टाफ मेंबर से कहा था कि अगर सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों को दंडित करेंगे तो भारत में हमारे बिजनेस पर असर पड़ेगा.
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