अवमानना का केस झेल रहे प्रशांत भूषण ने एक टिप्पणी के लिए मांगी माफी, CJI को लेकर किए थे ट्वीट

अवमानना का केस झेल रहे प्रशांत भूषण ने एक टिप्पणी के लिए मांगी माफी, CJI को लेकर किए थे ट्वीट
प्रशांत भूषण पर साल 2009 में भी मामला दर्ज हुआ था. (Photo- PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को एडवोकेट प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) को नोटिस जारी किया था, जिसमें पूछा गया कि वे कारण बताएं कि न्यायपालिका पर उनके ट्वीट पर अदालत की अवमानना के लिए उनके खिलाफ एक्शन ​​क्यों न ली जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 12:46 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ अपने ट्वीट के एक हिस्से को लेकर माफी मांग ली है. उन्होंने कहा है कि वो इस पर ध्यान नहीं दे पाए की जब सीजीआई बाइक पर बैठे थे तो उस वक्त बाइक स्टैंड पर खड़ी थी. इसके अलावा उन्होंने कहीं पर भी अवमानना के नोटिस का जवाब देते हुए माफी या फिर खेद नहीं जताया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को एडवोकेट प्रशांत भूषण को नोटिस जारी किया था, जिसमें पूछा गया कि वे कारण बताएं कि न्यायपालिका पर उनके ट्वीट पर अदालत की अवमानना के लिए उनके खिलाफ एक्शन ​​क्यों न लिया जाए.

भूषण का सुप्रीम कोर्ट को जवाब
नोटिस का जवाब देते हुए भूषण ने कहा है, 'मैं ये मानता हूं कि इस बात पर मेरा ध्यान नहीं गया कि बाइक स्टैंड पर खड़ी थी. और ऐसे में हेलमेट पहनने की कोई जरूरत नहीं थी. इसलिए मैं अपने ट्वीट के उस हिस्से के लिए माफी मांगता हूं. लेकिन मैं अपने ट्वीट के बाक़ी हिस्सों के लिए माफी नहीं मांगता हूं.' भूषण ने 134 पन्नों के जवाब में अपने बयानों को सही ठहराने के लिए कई पुराने मामलों का जिक्र किया है. जिसमें सहारा-बिड़ला डायरी मामले से लेकर लोया की मौत, काहिको पॉल आत्महत्या मामले से लेकर मेडिकल प्रवेश घोटाले, असम में मास्टर ऑफ रोस्टर विवाद, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम शामिल है.'

क्या था विवादित ट्वीट में
प्रशांत भूषण के खिलाफ उनके दो ट्वीट्स को लेकर ये कार्यवाही शुरू की गई है. जिनमें से एक में उन्होंने कहा था कि पिछले छह सालों में देश में लोकतंत्र को बर्बाद करने में चार प्रधान न्यायाधीशों की भूमिका रही है. दूसरा ट्वीट उन्होंने मौजूदा प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की उस तस्वीर को लेकर किया था, जिसमें वो हार्ले डेविडसन बाइक पर बैठे नज़र आए थे. भूषण ने CJI बोबडे पर बाइक पर बिना हेलमेट और मास्क के बैठने का आरोप लगाया था.



साल 2009 में भी अवमानना के नोटिस का सामना कर चुके हैं प्रशांत
प्रशांत भूषण न्यायपालिका से जुड़े मसले लगातार सवाल उठाते रहे हैं और हाल ही में उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान दूसरे राज्यों से पलायन कर रहे कामगारों के मामले में शीर्ष अदालत के रवैये की तीखी आलोचना की थी. भूषण ने भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपी वरवर राव और सुधा भारद्वाज जैसे जेल में बंद नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार के बारे में बयान भी दिये थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज