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खाली कटोरा लेकर क्लासरूम में झांकती दिव्या की वायरल तस्वीर का क्या है सच


Updated: November 18, 2019, 10:17 AM IST
खाली कटोरा लेकर क्लासरूम में झांकती दिव्या की वायरल तस्वीर का क्या है सच
कटोरा लेकर क्लासरूम में झांकती दिव्या.

तस्वीर वायरल (Viral Picture) होने के बाद अगले ही दिन दिव्या को स्कूल में दाखिला (Divya School Admission) मिल गया, लेकिन जिस तरह से इस बच्ची को पेश किया गया उससे उसके पिता (Divyas Father upset) खुश नहीं हैं.

  • Last Updated: November 18, 2019, 10:17 AM IST
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हैदराबाद.  कुछ दिनों पहले हैदराबाद के अखबार (Hyderabad News) में पांच साल की एक बच्ची की तस्वीर छपी. इस बच्ची का नाम दिव्या (Divya Story) था और वह हाथ में कटोरा लिए एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में (Girl with a bowl outside Classroom) झांक रही थी. तभी किसी ने यह तस्वीर ली और सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट कर दी. तस्वीर वायरल (Viral Picture) होने के बाद अगले ही दिन दिव्या को स्कूल में दाखिला (Divya School Admission) मिल गया. लेकिन जिस तरह से इस बच्ची को पेश किया गया उससे उसके पिता (Divyas Father upset) खुश नहीं हैं.

दिव्या के पिता लक्ष्मण का कहना है कि यह उनकी परवरिश पर सवाल उठाता है. जबकि वो दिव्या को स्कूल में दाखिला दिलाने की सही उम्र का इंतजार कर रहे थे. दिव्या के अलावा लक्ष्मण की दो और बैटिया हैं जो पहले से सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहीं हैं. यही नहीं लक्ष्मण ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे उनकी बेटी अनाथ हो.

लक्ष्मण खुद अनाथ हैं और वो इसका दर्द समझत हैं. हैदराबाद की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले एम. लक्ष्मण कबाड़ी का काम करते हैं. उनका कहना है कि अपनी पत्नी के साथ मिलकर वो हर महीने दस हजार रुपए तक कमा लेते हैं. उससे वो अपने बच्चों के खाने और कपड़ों का खर्च उठाते हैं. सरकारी स्कूल में पढ़ने के कारण उनके बच्चों की शिक्षा मुफ्त है.

लक्ष्मण के लिए वायरल तस्वीर इसलिए और ज्यादा ठेस पहुंचाने वाली थी क्योंकि वो अपनी बेटियों के अलावा अपने भाई के पांच बच्चों की भी परवरिश कर रहे हैं. उनके भाई और भाभी की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है. तब से पांचों बच्चे अनाथ हैं.

उन्होंने कहा कि दिव्या झुग्गी बस्ती के बाकी बच्चों की तरह स्कूल में बटने वाले मिड-डे मील की आस में वहां गई थी. लक्ष्मण का दावा है कि दिव्या वहां हर रोज नही जाती. जब स्कूल में मिड-डे मील का खाना बच जाता है तो उसे स्कूल के टीचर झुग्गी बस्ती के दूसरे बच्चों में बांट देते हैं. लेकिन उस दिन किसी ने दिव्या का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दिया.
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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को लेकर स्थानीय एनजीओ ने भी सरकार पर इसे शर्मनाक बताते हुए हमला किया. मीडिया में मामला उछलने और एनजीओ के दबाव में दिव्या का दाखिला स्कूल में करवा दिया गया.

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First published: November 18, 2019, 9:48 AM IST
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