लाइव टीवी

Fact Check: गलत हैं कोरोना वायरस को लेकर किए जा रहे ये दावे, भूलकर भी न करें शेयर

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 5:01 PM IST
Fact Check: गलत हैं कोरोना वायरस को लेकर किए जा रहे ये दावे, भूलकर भी न करें शेयर
कोरोना वायरस को लेकर तमाम दावे किये जा रहे हैं जिन्हें फैक्ट चेक में झूठ पाया गया है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर काफी दावे किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए ये गलत दावे (अफवाहें) काफी तेजी से लोगों तक पहुंच रहे हैं नतीजतन लोग इसे शेयर कर रहे हैं. लेकिन इसका सच क्या है ये हम आपको बताने जा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2020, 5:01 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पूरी दुनिया में इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप फैला हुआ है. इस महामारी से अब तक 20 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं. खबर लिखे जाने तक भारत में इस वायरस (Coronavirus cases in India) के 649 केस सामने आ चुके हैं. देश भर में 21 दिन के लिए लॉकडाउन जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लोगों को 21 दिन तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. ऐसे समय में कोरोना वायरस को लेकर काफी दावे भी किए जा रहे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए ये गलत दावे (अफवाहें) काफी तेजी से तक लोगों तक पहुंच रहे हैं. नतीजतन लोग इसे शेयर कर रहे हैं. लेकिन इसका सच क्या है ये हम आपको बताने जा रहे हैं.

पहला दावा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन लोगों से 5 मिनट के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना वायरस से देश का बचाव कर रहे लोगों के सम्मान में ताली और थाली बजाने के लिए कहा था. जिसके बाद मैसेज वायरल होने लगा कि बर्तनों और ताली की आवाज के वाइब्रेशन से कोरोना वायरस का प्रभाव कम होता है और वह खत्म हो जाता है. भारत सरकार की फैक्ट चेकिंग टीम ने इस दावे को झूठा पाया है.

दूसरा दावा- ऐसा भी दावा किया जा रहा है कि इजरायल ने कोरोना वायरस का टीका ईजाद कर लिया है. इस दावे का खंडन खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया है. WHO की ओर से बताया गया है कि ऐसा कोई टीका विकसित नहीं किया गया है.

तीसरा दावा- लोगों का कहना है कि सरकार कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को मुफ्त में मास्क और सैनिटाइज़र बांट रही है. ये दावा पूरी तरह से झूठ है. मास्क और सैनिटाइज़र का बड़ी मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है लेकिन ये लोगों को मुफ्त में बांटने के लिए नहीं है. यह स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना से बचाव के काम में लगे लोगों को दिया जा रहा है.



चौथा दावा- सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस की घर पर ही जांच के कई तरीके वायरल हो रहे हैं. मैसेज और वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अगर आप गहरी सांस लेकर 10 सेकेंड के लिए इसे रोक लेते हैं तो समझें आपको किसी तरह का संक्रमण नहीं है. इस दावे को स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने गलत पाया है. कोरोना वायरस की जांच सरकार द्वारा तय किए गए अस्पतालों में ही की जा सकती है.

पांचवा दावा- तीन फोटो वायरल हो रही हैं जिसमें कहा जा रहा है कि भारतीय सेना कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों के लिए बाड़मेर में एक हजार बेड का अस्पताल बना रही है.

सेना ने इस दावे का खंडन किया है. कोरोना वायरस से निपटने के लिए सबसे बड़ा अस्पताल ओडिशा में बन रहा है. जो कि 15 दिन में बनकर तैयार होगा. जो फोटो वायरल हो रही हैं वह इंटरनेट पर पहले ही मौजूद हैं.

 

ये भी पढ़ें :-

कोरोना के तूफान में कैसे बचे जनता? योगी सरकार की ये हैं योजनाएं

अब राशन की दुकानों और स्‍टोर्स से कोरोना वायरस फैलने का खतरा, न लगाएं भीड़

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 26, 2020, 4:21 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर