वो इंडियन महाराजा जो विश्व प्रसिद्ध ब्रांड के मॉडल हैं और अरबों की संपत्ति के मालिक

टॉप इंटरनेशनल ब्रांड के लिए रैंप पर चल चुके पद्मनाभ सिंह में वे तमाम खूबिया हैं जो किसी राजसी चेहरे पर दिखती हैं (Photo- instagram)
टॉप इंटरनेशनल ब्रांड के लिए रैंप पर चल चुके पद्मनाभ सिंह में वे तमाम खूबिया हैं जो किसी राजसी चेहरे पर दिखती हैं (Photo- instagram)

महज 20 साल की उम्र में जयपुर के महाराजा पद्मनाभ सिंह (king of Jaipur Maharaja Padmanabh Singh) के पास 2.8 बिलियन डॉलर की संपत्ति है. साथ ही महाराज कई इंटरनेशनल ब्रांड्स के मॉडल (model of international brands) भी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 20, 2020, 11:19 AM IST
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भारत में राजे-महाराजे का अपनी शानोशौकत के लिए हमेशा से जाने जाते हैं. अब राजाओं का वक्त तो खत्म हो चुका लेकिन राजघराने के लोग (royal families in India) अपने राजसी ठाठ के लिए अब भी मशहूर हैं. इन्हीं में से एक है जयपुर रियासत के किंग पद्मनाभ सिंह. सिर्फ 19 साल की उम्र में इटली के मिलान में डॉल्चे एंड गब्बाना (Dolce & Gabbana) जैसे टॉप इंटरनेशनल ब्रांड के लिए रैंप पर चल चुके पद्मनाभ सिंह में वे तमाम खूबिया हैं जो किसी राजसी चेहरे पर दिखती हैं. साथ ही वे सबसे छोटी उम्र में बिलियनों की प्रॉपर्टी के मालिक हो चुके हैं. जानिए, क्या है पिंक सिटी के इस युवा किंग की खासियत.

वे प्रिंस और प्रिंसेस दिया कुमारी और नरेंद्र सिंह के बेटे हैं. वे जब केवल 4 साल के थे, तभी उन्हें पढ़ाई के लिए अजमेर के मेयो कॉलेज में भेजा गया. बता दें कि ये कॉलेज यानी स्कूल देश में लड़कों के लिए सबसे शानदार बोर्डिंग स्कूल माना जाता है. स्कूल में ही आगे की पढ़ाई के लिए पद्मनाभ सिंह को ब्रिटेन के मिलफील्ड स्कूल भेज दिया गया, जहां बोर्डिंग में रहते हुए ही किंग ने स्कूली पढ़ाई खत्म की. इस दौरान इन्होंने कई ऐसी चीजें सीखीं, जो राजसी लोगों के शौक में शामिल हैं.

13 साल की उम्र से ही किंग ने पोलो खेलना शुरू कर दिया और इसमें महारत हासिल कर ली (Photo- instagram)




13 साल की उम्र से ही किंग ने पोलो खेलना शुरू कर दिया और इसमें महारत हासिल कर ली. इसी दक्षता के कारण वे इंडियन पोलो टीम के कैप्टन भी रहे. देश-विदेश के अपने दौरों और दुनियाभर के राजसी लोगों से अपनी मित्रता के चलते वे इंग्लैंड के प्रिंस विलियम और हैरी के साथ भी पोलो खेलते रहे हैं. पोलो का शौक इतना ज्यादा रहा कि किंग को वर्ल्ड कप पोलो टीम में “the youngest ever player” का खिताब भी मिल चुका है.
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किंग पद्मनाभ सिंह ने एडवांस स्टडी के लिए न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी का रुख किया और वहां लिबरल आर्ट्स की डिग्री ली. साथ ही रोम की यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूजिओलॉजी एंड आर्ट्स में हिस्ट्रूी ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई की. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक किंग को उनके दोस्तों के बीच एक खास स्पेनिश नाम पाचो से पुकारा जाता है.

पोलो के अलावा पद्मनाभ सिंह का एक और शौक इंटरनेशनल ख्याति पा चुका है, वो है उनका फैशन सेंस. पके हुए गेहुंए रंग के साथ लंबी यूनानी नाक, सख्त ठोड़ी और गठे हुए होंठों के साथ उनका लंबा कद और राजसी चाल भी इसके लिए मुफीद है. वे सिंपल लेकिन बेहद महंगे और एलिगेंट कपड़ों को तरजीह देते हैं, जो शुरुआत से फैशन की जानकारी मिलते रहने के साथ ही मुमकिन है. यही वजह है कि वे इतनी कम उम्र में ही इंटरनेशनल मॉडलिंग का जाना-माना नाम बन चुके हैं. वे वर्ल्ड फैशन कैपिटल मिलान में अरमानी और डॉल्चे एंड गब्बाना जैसे ब्रांड्स के लिए रैंप वॉक कर चुके हैं.

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यहां तक कि दुनियाभर में ख्यात फैशन फोटोग्राफर मारियो टेस्टिनो ने कई बार सबके सामने उन्हें अपनी प्रेरणा कहा है.

वे वर्ल्ड फैशन कैपिटल मिलान में अरमानी और डॉल्चे एंड गब्बाना जैसे ब्रांड्स के लिए रैंप वॉक कर चुके (Photo- instagram)


पिंक सिटी के इस युवा किंग को सैर-सपाटे का काफी शौक है. कहा जाता है कि इसके जरिए वे दुनिया की संस्कृति को करीब से समझना चाहते हैं. वैसे घूमने के मामले में उनके प्रेफरेंस थोड़े अलग हैं. जैसे वे ईरान को काफी अलग देश मानते हैं और वहां जाना पसंद करते हैं. माना जाता है कि इस देश के साथ किंग की कुछ निजी यादें भी जुड़ी होंगी.

वैसे शौकों से अलग इस युवा किंग को अपनी जिम्मेदारियां भी खूब पता हैं. यही वजह है कि वे लड़कियों की शिक्षा और उनकी मजबूती की काफी हिमायत करते हैं. बता दें कि किंग पद्मनाभ सिंह की स्वर्गीय दादी राजमाता पद्मिनी देवी भी स्त्री शिक्षा पर खासा जोर दिया करती थीं. किंग की मां दिव्या कुमारी भी इस काम से जुड़ी हुई हैं. यानी किंग पद्मनाभ सिंह के लिए ये खानदानी विरासत को संभालने जैसा काम है.

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जयपुर राजघराने के 303वें वंशज को सुजान राजमहल पैलेस से खास लगाव है. एक वक्त पर राजघराने का निजी पैलेस अब बहुत से हिस्सों में होटल में तब्दील हो चुका है. हालांकि इसमें एक हिस्सा अब भी राजपरिवार के लिए है. दो साल पहले किंग पद्मनाभ सिंह ने रेनोवेट कराया.
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