लाइव टीवी

क्यों BJP और PDP के रास्ते हुए अलग-अलग?

News18Hindi
Updated: June 20, 2018, 7:23 AM IST
क्यों BJP और PDP के रास्ते हुए अलग-अलग?
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में दूसरी बार सीज़फायर का ऐलान किया गया था. इससे पहले नवंबर 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कि थी.

जम्मू-कश्मीर के इतिहास में दूसरी बार सीज़फायर का ऐलान किया गया था. इससे पहले नवंबर 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कि थी.

  • Share this:
जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ लिया है. 3 साल 3 महीने के बाद महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई है. ऐसे में एक बार फिर से जम्मू कश्मीर में नए राजनीतिक समीकरण के संकेत मिलने लगे हैं. सवाल उठते हैं कि क्या कोई पार्टी वहां एक फिर से गठबंधन सरकार बना सकती है या फिर एक बार फिर से वहां राज्यपाल शासन  देखने को मिलेगा. आखिर क्या वजह रही की BJP और PDP ने अप-अपने रास्ते अलग कर लिए?

>ईद के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीज़फायर खत्म करने का ऐलान किया. कश्मीर घाटी में रमज़ान के महीनों में सीज़फायर की घोषणा की गई थी. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती चाहती थीं कि सीज़फायर की मियाद कुछ और दिनों के लिए बढ़ाई जाए. लेकिन केन्द्र सरकार कश्मीर के बिगड़ते माहौल को देखते हुए उनकी बात मानने के लिए तैयार नहीं थी.

>जम्मू-कश्मीर के इतिहास में दूसरी बार सीज़फायर का ऐलान किया गया था. इससे पहले नवंबर 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कि थी. रमजान के बाद भी इसे पांच महीने के लिए बढ़ा दिया गया. यानी वहां पिछली बार 23 मई 2001 तक सीज़फायर लगा था. उस वक्त जुलाई 2000 में आतंकवादी संगठन हिजबुल-मुजाहिदीन ने भी एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी. लेकिन दो हफ्ते के दौरान ही हिजबुल-मुजाहिदीन ने सीज़फायर को वापस ले लिया. दरअसल ये संगठन चाहता था कि पाकिस्तान को भी कश्मीर पर बातचीत के लिए शामिल किया जाए. लेकिन उस वक्त गृह सचिव कमल पांडे ने उनकी बात नहीं मानी थी.

>सीज़फायर का कोई फायदा नहीं हुआ. रमजान के दौरान आतंकी घटनाओं की संख्या दोगुनी हो गई. आतंकवादी संगठनों में ढेर सारी भर्तियों में शुरू हो गई. इसके अलावा ग्रेनेड हमलों में भी भारी तेजी आई.

>ईद से ठीक पहले राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और भारतीय सेना के सैनिक औरंगजेब की हत्या कर दी गई. घाटी के हालात बिगड़ते गए और ऐसे में केन्द्र सरकार पर ये दबाव बढ़ गया कि वो सीज़फायर को तुरंत खत्म करे.

>ये पहली बार नहीं है जब बीजेपी और पीडीपी गठबंधन में मतभेद हुए हो. इसी साल कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और मर्डर के बाद पीडीपी ने हिंदू एकता मंच की रैली में दो बीजेपी मंत्रियों के शामिल होने के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग की थी. बीजेपी ने दोनों मंत्रियों को कैबिनेट से इस्तीफा देने को कहा था.

ये भी पढ़ें:
Loading...

J&K: बीजेपी ने पीडीपी के साथ तोड़ा गठबंधन, CM महबूबा मुफ्ती ने दिया इस्तीफा

जम्मू कश्मीर में बीजेपी से टूट के बाद महबूबा ये उठा सकती हैं कदम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 19, 2018, 4:07 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...