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फली नरीमन बोले, संस्था का बचाव करने में नाकाम रहे CJI दीपक मिश्रा

Utkarsh Anand | News18Hindi
Updated: July 6, 2018, 11:54 AM IST
फली नरीमन बोले, संस्था का बचाव करने में नाकाम रहे CJI दीपक मिश्रा
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन (TV Grab/CNN-News18)

नरीमन ने कहा कि उन्होंने हाल के विवादों पर एक पूरा चैप्टर लिखा है. पूछे जाने पर कि क्या हाल की घटनाओं से किताब का टाइटल प्रेरित है ,नरीमन ने कहा, 'हां, बहुत हद तक है.'

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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन ने कहा है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा, संस्था का बचाव करने में असफल रहे हैं. उन्हें उन 4 जजों के पास जाना चाहिए जिन्होंने जनवरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कोर्ट प्रशासन के खिलाफ बोला. CNN-News18 से एक इंटरव्यू में नरीमन ने कहा कि वह CJI से यह उम्मीद कर रहे थे कि एक बेंच गठित कर जस्टिस चेलामेश्वर के साथ बैठते और आपसी सद्भाव लाकर विवादों को विराम देते.

प्रसिद्ध न्यायवादी नरीमन ने नई किताब लिखी है जिसकी टाइटल है, 'God Save the Hon’ble Supreme Court' जो लॉन्च होने वाली है. नरीमन ने कहा कि उन्होंने हाल के विवादों पर एक पूरा चैप्टर लिखा है. पूछे जाने पर कि क्या हाल की घटनाओं से किताब का टाइटल प्रेरित है. नरीमन ने कहा, 'हां, बहुत हद तक है, वही पूरा बिन्दु हैं. विवाद ने जनता के दिमाग में शक पैदा कर दिया... उनको दिक्कत हुई जो सुप्रीम कोर्ट से बहुत उम्मीद करते हैं. अगर चार जज कुछ कह रहे हैं, CJI कुछ कह रहे हैं और बाकी लोग कुछ नहीं कह रहे हैं. तो जनता क्या मानेगी?'

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उन्होंने कहा कि एमसीआई घोटाले के मामलों में अदालत की निगरानी की जांच के लिए पीआईएल पर जस्टिस जे चेलेश्वर के नवंबर के आदेश ने पूरे विवाद को उठाया, जिससे 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई.. नरीमन ने जस्टिस  चेलेश्वर द्वारा पारित आदेश को अस्वीकार कर दिया, लेकिन सीजेई से बातचीत  बंद होने पर जोर दिया जिसे, 'सुप्रीम कोर्ट का सर्वोच्च'  के रूप में परिभाषित किया है.



यह पूछे जाने पर कि क्या CJI मिश्रा जनता की आंखों में संस्था का बचाव करने और उसे सुरक्षित रखने में असफल रहे, इस पर नरिमन ने कहा, वह ऐसा नहीं कर सके, वास्तव में उन्होंने अन्य़ जजों के पास जाकर देखना था कि क्या हो सकता है. कोई भी एक दूसरे के पास नहीं गया. मैं CJI से उम्मीद कर रहा था कि वह नंबर 2 (जस्टिस चेलामेश्वर) के साथ बैठे.. हर CJI को जजों तक पहुंच कर देखना चाहिए बेंच में आपसी सद्भभाव है या नहीं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में "औपचारिकता की कमी" है.

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First published: July 6, 2018, 11:54 AM IST
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