छोटे बेटे की मौत के सदमे से उबर नहीं पाया परिवार, पांच ने किया आत्महत्या का प्रयास, 3 की मौत

बच्चे ने खाने की चीज समझ कर जिलेटिन की छड़ें खा लीं (सांकेतिक फोटो)

बच्चे ने खाने की चीज समझ कर जिलेटिन की छड़ें खा लीं (सांकेतिक फोटो)

पश्चिमी ओडिशा के झारसुगुड़ा (Odisha’s Jharsuguda) जिले के बीटीएम पुलिस थाने की निरीक्षक सुचरिता मोहंती ने कहा कि सबसे छोटे बेटे की मौत के बाद परिवार के बाकी पांचों सदस्य सदमे में थे.

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भुवनेश्वर. ओडिशा (Odisha) के संबलपुर (Sambalpur) जिले के बुरला में वीर सुरेंद्र साईं इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च हॉस्पिटल में 58 वर्षीय मां और उनकी 30 वर्षीय बेटी की गुरुवार सुबह मौत हो गई. चार दिन पहले परिवार के पांच सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया था. पुलिस ने कहा कि झारसुगुड़ा जिला निवासी लोगों ने आत्महत्या करने की कोशिश की क्योंकि वे अपने सबसे छोटे 22 वर्षीय बेटे की मौत से उबर नहीं पा रहे थे. अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि परिवार के इकलौते जिंदा बचे 33 वर्षीय बेटे की भी मृत्यु हो जाने के एक दिन बाद गुरुवार सुबह मां और बेटी की मौत हो गई.



झारसुगुड़ा जिले का है मामला

पश्चिमी ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के बीटीएम पुलिस थाने की निरीक्षक सुचरिता मोहंती ने कहा कि सबसे छोटे बेटे की मौत के बाद परिवार के पांच सदस्य सदमे में थे. मोहंती ने कहा कि सबसे छोटा बेटा एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था.



इंस्पेक्टर ने कहा- 'परिवार के मुखिया महानदी कोलफील्ड्स के कर्मचारी थे. साल 2016 में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु हो गई थी. परिवार ने छोटे बेटे के इलाज पर 30 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह ठीक नहीं हुआ. सोमवार को उनकी हालत खराब हो गई और एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया. पुलिस ने कहा कि परिवार के अन्य दो जीवित सदस्यों की हालत अभी भी गंभीर है.
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