राहुल गांधी बोले- किसानों के लिए मौत का फरमान है कृषि कानून, मर चुका है लोकतंत्र

 राहुल गांधी ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला बोला है. (PTI)
राहुल गांधी ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला बोला है. (PTI)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन कृषि विधेयकों (Farmers Bill 2020) पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद ये कानून बन चुके हैं. इसी को लेकर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के किसान (Farmers Protest) सड़कों पर उतर आए हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 1:23 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद कृषि बिल (Farmers Bill 2020) अब कानून बन चुके हैं. वहीं, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई इलाकों में खेती से जुड़े बिलों का विरोध जारी है. किसान प्रदर्शनों (Farmers Protest) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला बोला है. राहुल ने नए कृषि कानूनों को किसानों के लिए मौत का फरमान करार दिया. राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राज्यसभा में बिल पास होने के तरीके पर सवाल खड़ा किया. राज्यसभा में बिना विपक्ष की बात सुने कृषि बिल पास होने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि संसद और संसद के बाहर किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है. ये सबूत है कि देश में लोकतंत्र मर चुका है.

राहुल गांधी ने अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए किसान आंदोलन पर ट्वीट किए हैं. इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि विपक्ष के द्वारा सीट पर खड़े होकर डिविजन की मांग किए जाने के बाद भी राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने इसके लिए आदेश नहीं दिया. साथ ही बिना डिविजन के ध्वनि मत से कृषि बिल (Farmers Bill 2020) पास करवा दिया. लेकिन राज्यसभा टीवी की फुटेज से इसकी उलट बात साबित होती है. हालांकि, उपसभापति की ओर से इसपर सफाई भी जारी की गई, जिसमें उन्होंने मिनट दर मिनट उस पूरे वाक्ये के बारे में जानकारी दी. साथ ही कहा कि मैंने सभी सबूत सामने रख दिए हैं और अब आप खुद ही सच को जान सकते हैं.





कृषि बिल की बात करें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में इसका विरोध जारी है. सोमवार को दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक में किसान फिर सड़कों पर उतरे. दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजपथ में एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया.
RAHUL GANDHI TWEET
कांग्रेस लगातार उपसभापति का विरोध कर रही थी और अविश्वास प्रस्ताव भी लाई थी.


उपसभापति ने दी ये सफाई
विपक्ष के हंगामे को लेकर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह (Harivansh Narayan Singh) पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं. इसके बाद हरिवंश नारायण सिंह ने स्पष्टीकरण जारी किया है. उपसभापति ने रविवार को एक बयान में माना कि डीएमके सांसद तिरुचि शिवा (DMK's Tiruchy Siva) ने मत विभाजन की मांग अपने सीट से की थी, लेकिन सदन के अंदर व्यवस्था बनाए रखना भी मत विभाजन के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है.

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राज्यसभा टीवी के वीडियो में क्या है?
हरिवंश नारायण सिंह का स्पष्टीकरण इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पर आया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्यसभा सांसद केके रागेश और तिरुचि शिवा 20 सितंबर को कृषि विधयेकों को पास करने के दौरान अपनी सीट से मत विभाजन की मांग कर रहे थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद सहित विपक्षी सांसदों ने उस दिन सदन का बहिष्कार किया था. विपक्ष का दावा है कि उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने मत विभाजन से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने उच्च सदन का बहिष्कार किया.

20 सितंबर को दोपहर एक बजे जब उपसभापति ने सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित किया, तब राज्यसभा टीवी के फुटेज की समीक्षा में पाया गया कि डीएमके सांसद शिवा ने दोपहर 1. 10 मिनट पर अपनी सीट से मत विभाजन की मांग की थी. वहीं, सीपीएम के केके रागेश भी 1.11 मिनट तक अपनी सीट पर ही थे, जब उन्होंने मत विभाजन की मांग की.

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ये हैं नए कृषि कानून
हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को इन विधेयकों को मंजूरी प्रदान कर दी, जिसके बाद ये कानून बन गए.(PTI इनपुट के साथ)
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