कृषि विधेयक : संजय राउत बोले- NDA से अकाली दल भी निकला, कुछ तो गड़बड़ है

कृषि विधेयक को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधा है.
कृषि विधेयक को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधा है.

Farm Bills: शिवसेना नेता संजय राउत (Shiv Sena Leader Sanjay Raut) ने कहा कि प्रधानमंत्री (Prime Minister) जो बात कह रहे हैं, अगर इसके बाद कोई मंत्री इस्‍तीफा देता है तो कुछ गड़बड़ है. उन्‍होंने कहा कि हमने एनडीए (NDA) नहीं छोड़ा. वे झूठ की राजनीति कर रहे थे, जिसके कारण हम मजबूर हो गए थे. हम दोनों तो सबसे पुराने सहयोगी थे, बाकी तो पेइंग गेस्‍ट हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 8:00 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. कृषि विधेयक (Farm Bill) को लेकर विपक्षी दलों के साथ ही सरकार (Government) के सहयोगी भी उनका विरोध कर रहे हैं. पंजाब (Punjab) में एनडीए (NDA) की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) की ओर से मंत्री हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने गुरुवार को बिल के विरोध में इस्‍तीफा दे दिया था. इस्‍तीफा स्‍वीकार होने के बाद हरसिमरत कौर ने कहा, 'मैं सरकार से लगातार अनुरोध करती रही कि किसानों की सभी आशंकाओं और डर को दूर किये बिना कृषि विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाया जाए.' वहीं अब एनडीए के पूर्व सहयोगी शिवसेना के नेता संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधा है.

एक निजी न्‍यूज चैनल से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री जो बात कह रहे हैं, अगर इसके बाद कोई मंत्री इस्‍तीफा देता है तो कुछ गड़बड़ है. उन्‍होंने कहा कि हमने एनडीए नहीं छोड़ा. वे झूठ की राजनीति कर रहे थे, जिसके कारण हम मजबूर हो गए थे. हम दोनों तो सबसे पुराने सहयोगी थे, बाकी तो पेइंग गेस्‍ट हैं. किसान के मामले पर सभी सहयोगियों को साथ लेना चाहिए था. उन्‍होंने कहा कि पहले शिवसेना ने एनडीए को छोड़ा था और अब शिरोमणि अकाली दल ने छोड़ा है. इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है. उन्‍होंने कहा कि हम और अकाली दल आज भी एक साथ हैं.

केंद्र के 'किसान मारो, पंजाब मारो' षड्यंत्र का हिस्सा हैं कृषि विधेयक: अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कृषि सुधार संबंधी विधेयकों की कड़ी आलोचना की और कहा कि इन्हें भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार, 'किसान मारो, पंजाब मारो' के षड्यंत्र के तहत राष्ट्र पर थोपना चाहती है. लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के 'किसान मेले' की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि भाजपा और अकालियों की पंजाब से क्या दुश्मनी है और वे हमें क्यों बर्बाद करना चाहते हैं.' सरकार की ओर से यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मेले के उद्घाटन में सौ स्थानों से डिजिटल माध्यम से किसान, किसानों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया.
ये भी पढ़ें: हरसिमरत कौर के इस्‍तीफे पर BJP ने कहा- यह राजनीतिक निर्णय, अकाली हमारे साथ



ये भी पढ़ें: मैं अपनी मां को ICU में छोड़कर सदन पहुंची थी, दुख है मेरी आवाज नहीं सुनी गई: हरसिमरत कौर बादल

सिंह ने फिर चेतावनी दी कि विधेयकों से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में आक्रोश बढ़ेगा और पाकिस्तान इसका फायदा उठा सकता है. सिंह ने कहा कि किसान विरोधी इस कदम से पंजाब का माहौल बिगड़ेगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 65 सालों में भारत को खाद्य के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के किसानों ने जो बलिदान दिया है वह सब इन विधेयकों से व्यर्थ हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर अकाली 'अपने राजनीतिक खेल' खेल रहे हैं.

उन्होंने बादल दंपति से पूछा कि शिरोमणि अकाली दल इन विधेयकों के खिलाफ और पानी के महत्वपूर्ण मुद्दे पर पंजाब सरकार के साथ क्यों नहीं खड़ा है. उन्होंने कहा कि सतलज यमुना लिंक के मुद्दे पर पहले से ही स्थिति गंभीर है और ऐसे में शिअद ने कृषि विधेयकों का 'समर्थन' कर समस्या को केवल बढ़ाया ही है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज