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सरकार ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया, तो 2024 तक भी धरने पर बैठे रहेंगे: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत. (एएनआई/6 फरवरी, 2021)
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत. (एएनआई/6 फरवरी, 2021)

Farm Laws: भारत में तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान कई दिनों से अधिक समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है, तो किसान प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक के लिए चलेगा. टिकैत ने आईएएनएस को बताया, 'अगर सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी, तो हम 2024 तक भी धरने पर बैठे रहेंगे.' उन्होंने आगे कहा, 'जब तक तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है, एमएसपी पर एक कानून नहीं बनाया जाता है और स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को लागू नहीं किया जाता है, हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे.'


टिकैत ने यह भी कहा कि सरकार केवल कमीशन एजेंटों को लाभान्वित कर रही है. जब किसान प्रदर्शन के कारण दिल्ली के लोगों को हो रही असुविधा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'दिल्ली के लोग खुद इस आंदोलन का हिस्सा हैं.' इससे पहले राकेश टिकैत ने 'आंदोलनजीवी' वाले बयान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार को आलोचना करते हुए पूछा था कि क्या महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह जैसे लोगों को भी इस श्रेणी में रखा जाएगा.


हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में गुमथला गढू गांव में 'किसान महापंचायत' को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा था कि सरकार को इस गलत धारणा में नहीं रहना चाहिए कि प्रदर्शनकारी किसान अपनी मांगों के पूरा हुए बिना अपने घरों को लौट जाएंगे.



गौरतलब है कि भारत में तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान दो महीनों से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.


क्या है मामला


कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीन कृषि कानूनों को लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी. वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी.

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