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कृषि कानून: किसानों के 'रेल रोको' आंदोलन को लेकर रेलवे ने कसी कमर, RPSF की 20 कंपनियां तैनात

भारतीय रेल (सांकेतिक तस्वीर)
भारतीय रेल (सांकेतिक तस्वीर)

Farm Laws: तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान काफी दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 17, 2021, 5:16 PM IST
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नई दिल्ली. किसानों के 'रेल रोको' अभियान को लेकर बुधवार दोपहर को रेलवे अधिकारियों ने अहम बैठक की. इस बैठक में चेयरमैन रेलवे बोर्ड के साथ सभी 16 ज़ोन के GM और DG RPF भी शामिल हुए. बैठक में फैसला लिया गया है कि किसानों के 'रेल रोको' आंदोलन में हर जगह बारीकी से नज़र रखी जाएगी और किसी भी हालत में मुसाफिरों को कोई नुकसान न हो.


किसानों ने 18 फरवरी को 12 बजे दिन से 4 बजे तक रेल रोकने की अपील की है. इस मुद्दे पर दोपहर बाद RPF की भी एक अहम बैठक की गई ताकि हर तरह के उपद्रव से निपटने की रणनीति बनाई जा सके. किसानों के बंद को लेकर रेलवे ने कई एहतियाती उठाए हैं. कई किसान संगठनों ने 18 फ़रवरी को रेल रोको अभियान की अपील की है. यह अभियान 12 बजे दोपहर से शाम 4 बजे तक चलेगा.


इससे निपटने के लिए रेलवे ने सभी संवेदनशील इलाक़ों में सुरक्षा बढ़ा दी है. इसके लिए रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फ़ोर्स यानि RPSF की 20 कंपनियां तैनात की जा रही हैं. रेलवे पूरे पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के आसपास का इलाक़ा, मध्य प्रदेश में रीवा, सतना, कटनी, राजस्थान में जयपुर के आसपास, पूरे पश्चिम बंगाल, समस्तीपुर और दानापुर डिविज़न में बिहार में सीपीआई (एम एल) के इलाक़ों को इस आंदोलन के लिहाज़ से संवेदनशील मान रहा है.




इन इलाकों में RPSF की अतिरिक्त तैनाती के साथ ही GRP और राज्य सरकार के साथ बातचीत कर हालात को काबू में रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि अभी तक इस आंदोलन की वजह से किसी भी ट्रेन को रद्द करने का फ़ैसला नहीं किया गया है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर कुछ ट्रेनों को सुरक्षा के लिहाज़ से देरी से भी चलाया जा सकता है. उत्तर रेलवे पंजाब से जुड़ी कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर सकता है. वहीं, उपद्रव कर ट्रेन रोकने या नुकसान पहुचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

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