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Farm Laws: 4 में से 2 बातों पर सरकार और किसानों के बीच बनी सहमति, अगली बैठक 4 जनवरी को

किसानों और सरकार के बीच अगले दौर की बैठक 4 जनवरी को होगी (फाइल फोटो)
किसानों और सरकार के बीच अगले दौर की बैठक 4 जनवरी को होगी (फाइल फोटो)

Farmer Protest: बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चार में से दो मांगें हमने मांग ली हैं और बाकी पर खुले मन से विचार किया जाएगा. कृषि मंत्री ने कहा कि कानून वापस नहीं होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 31, 2020, 6:12 AM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) का पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से विरोध कर रहे किसानों (Farmers) और केंद्र सरकार (Central Government) के बीच छठे दौर की बैठक खत्म हो गई है. अब दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक 4 जनवरी को होगी. इस बैठक में सरकार ने किसान नेताओं से तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) के बारे में किसानों की मांगों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि कानून की वापसी नहीं होगी. सरकार ने किसानों से कहा कि उन्हें जिन भी नियमों पर आपत्ति है उस पर विचार करने के लिए सरकार तैयार है हालांकि किसान नेताओं ने इस पर ऐतराज जताया.

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार तीनों कानून रद्द करे, हम संशोधन नहीं, कानून रद्द करवा कर ही वापस जाएंगे. सूत्रों के हवाले से ये भी खबर मिली कि सरकार ने किसानों को इस बात का भरोसा भी दिया कि दिल्ली-NCR के वातावरण को साफ रखने के लिए ऑर्डिनेंस में किसानों को बाहर रखा जाएगा. इस ऑर्डिनेंस में किसानों को पराली जलाने पर 1 करोड़ तक का जुर्माना रखा गया था. इसके अलावा बिजली एक्ट को लेकर भी सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उसे लागू नहीं किया जाएगा.

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बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कही ये बात
बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चार में से दो मांगें हमने मांग ली हैं और बाकी पर खुले मन से विचार किया जाएगा. कृषि मंत्री ने कहा कि कानून वापस नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि बैठक अच्छे माहौल में हुई है. कृषि मंत्री ने कहा कि पराली और बिजली एक्ट पर सहमति बनी है. कृषि मंत्री ने बैठक के बाद एक बार फिर से अपनी बात को दोहराया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी है और आगे भी जारी रहेगा.

तोमर ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट जो अभी आया नहीं है, उन्हें लगता है यह एक्ट आएगा तो इससे किसानों को नुकसान होगा. सिंचाई के लिए जो बिजली की सब्सिडी दी जाती है वो राज्य जिस प्रकार से देते रहे है, वैसे ही चलनी चाहिए. इसपर भी सरकार और किसान यूनियनों के बीच सहमति हो गई है.

नए कृषि कानूनों पर गतिरोध सुलझाने के लिए बुधवार को छठे दौर की वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा भोजन के लिए लंगर के आयोजन में तीन केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए. विज्ञान भवन में वार्ता आरंभ होने के करीब दो घंटे बाद बैठक स्थल के पास एक वैन से किसानों के लिए लंगर पहुंचाया गया. वार्ता के दौरान कुछ देर का भोजनावकाश रखा गया. इस दौरान किसान नेताओं के साथ मंत्रियों ने भी लंगर खाया.

बैठक स्थल पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, खाद्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोमप्रकाश ने भी ब्रेक के दौरान किसान नेताओं के साथ लंगर खाया.

पिछली कुछ बैठकों के दौरान किसान नेताओं ने खुद अपने भोजन, चाय-नाश्ते की व्यवस्था की थी और सरकार ने भोजन के लिए जो आयोजन किया था, वहां खाने से इनकार कर दिया था.
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