अपना शहर चुनें

States

किसान आंदोलन का निकलेगा हल? बीजेपी चीफ नड्डा की अमित शाह संग बड़ी बैठक

कृषि कानून पर बीजेपी के बड़े नेताओं की बैठक चल रही है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
कृषि कानून पर बीजेपी के बड़े नेताओं की बैठक चल रही है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Farm Laws: कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध के बीच जेपी नड्डा पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और नरेंद्र तोमर भी मौजूद हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 16, 2021, 10:20 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में किसान संगठनों का आंदोलन दो महीने से ज्‍यादा समय से जारी है. सरकार और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बैठक के बावजूद इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकल सका. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा पार्टी मुख्‍यालय में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के पार्टी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं. बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं.

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विपक्ष पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों को लेकर 'दुष्प्रचार' का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देश के कृषि बाजार में विदेशी कंपनियों को बुलाने के लिए कानून बनाने वाले लोग आज देसी कंपनियों के नाम पर किसानों को डरा रहे हैं. मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव के स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्य की आधारशिला रखने के बाद अपने संबोधन में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर इन कानूनों के खिलाफ 'दुष्प्रचार' करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि किसानों ने अब इस दुष्प्रचार में शामिल लोगों को बेनकाब करना शुरू कर दिया है. अन्य पार्टियों ने भी पूर्व में इसी तरह की कृषि सुधारों की पैरवी की थी लेकिन वे इन्हें लागू करने में नाकाम रही.





ये भी पढ़ें:  OPINION: आंदोलनजीवी शब्द पर बहस से इसका अर्थ न तो बदल सकता है न ही समाप्त
ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव में अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टिंयां भी वाम-कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा होंगी: अधीर रंजन ने दिए संकेत

प्रधानमंत्री ने नए कृषि कानूनों का बचाव करते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को इन सुधारों का सबसे ज्यादा लाभ होगा. उन्होंने कहा कि देश में अनेक ऐसे सेनानी हैं, जिनके योगदान को वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे. नये कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'नए कृषि सुधारों का लाभ छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक हो रहा है और उत्तर प्रदेश में नए कानूनों के बाद जगह-जगह से किसानों के बेहतर अनुभव भी सामने आने लगे हैं.' उन्होंने कहा कि नए कानूनों के लागू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में इस बार पिछले साल की तुलना में दोगुना धान खरीदा गया. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को दिक्कत ना हो, इसलिए उन्हें हर संभव मदद दी गई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के करीब 2.5 करोड़ किसानों के बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से रुपये जमा किए जा चुके हैं और राज्य में बेहतर होती आधारभूत सुविधाओं का सीधा लाभ किसानों, गरीबों, ग्रामीणों को हो रहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज