• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • कृषि आंदोलन में जिन किसानों की मौत हुई है, उनके परिवार को नहीं मिलेगा कोई मुआवज़ा: केंद्र

कृषि आंदोलन में जिन किसानों की मौत हुई है, उनके परिवार को नहीं मिलेगा कोई मुआवज़ा: केंद्र

सिंघू बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते किसान. (पीटीआई फाइल फोटो)

सिंघू बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते किसान. (पीटीआई फाइल फोटो)

Farm Laws Farmer Protest: केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसलिए केंद्र के पास प्रदर्शन के दौरान होने वाली मौतों का कोई ब्यौरा नहीं है.

  • Share this:

नई दिल्ली. संसद के अंदर और बाहर अकाली दल की अगुवाई में विपक्षी पार्टियां तीनों कृषि बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, वही केंद्र ने साफ किया है कि प्रदर्शन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई है, उनके परिवार को किसी तरह का मुआवज़ा नहीं दिया जाएगा. जब सरकार से पूछा गया कि क्या वह जानती है कि महीनों से चल रहे इस आंदोलन में कितने लोग बीमार पड़े या मारे गए, इस पर सरकार ने लिखित जवाब दिया है कि उसके पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है और इस मसले पर किसी तरह के मुआवज़े का प्रस्ताव नहीं है.


कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सरकार ने किसान यूनियन से बातचीत के दौरान कहा था कि वह कोविड और ठंडे के चलते औरतों, बुजुर्गों और बच्चों को घर भेज दे. न्यूज़ 18 से बातचीत में केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसलिए केंद्र के पास इससे होने वाली मौतों का कोई ब्यौरा नहीं है.


पेगासस जासूसी कांड: CM योगी अपनी नाकामी का ठीकरा विपक्ष पर फोड़कर बच नहीं सकते: कांग्रेस


यह मसला पंजाब चुनाव की वजह से राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. 9 जुलाई को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि प्रदर्शन में 550 किसान मारे गए और अगर राज्य में उनकी सरकार आती है तो मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी, बच्चों और पोते-पोती को पोस्ट ग्रैजुएशन तक मुफ्त शिक्षा और परिवार को बीमा कवर दिया जाएगा.


मथुरा में किसानों का यमुना एक्सप्रेस-वे के मांट टोल प्लाजा पर कब्जा, वाहनों का आना-जाना फ्री


इससे पहले पंजाब की कांग्रेस सरकार ने कहा कि मृतक के परिवार को पांच लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का दावा है कि पिछले हफ्ते 191 परिवारों को रकम मिल भी चुकी है. सीएम ने नौकरी देने का भी वादा किया है और कहा है कि उसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.




इस बीच केंद्र ने एक बार फिर कहा है कि वह किसान यूनियन के साथ चर्चा के लिए सदैव तैयार है. तोमर का कहना है कि इस मसले को सुलझाने के लिए केंद्र, किसान यूनियन से गंभीर और संवेदनशील बातचीत करती आ रही है. चर्चा के अलग-अलग स्तर पर लगातार कहा जा रहा है कि इन कानूनों से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा हो ताकि किसी भी तरह की आपत्ति को पहले से ही सुलझाया जाए, लेकिन यूनियन कानून को रद्द करने पर अड़ी हुई है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज