केंद्र और किसान के बीच आज होगी 7वें दौर की वार्ता, MSP समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा

किसान संगठनों का प्रदर्शन बीते एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है. (फाइल फोटो)

किसान संगठनों का प्रदर्शन बीते एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है. (फाइल फोटो)

Farmer Protest updates: पांच दौर की वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद 30 दिसंबर को छठे दौर की वार्ता में सरकार और 40 किसान संगठनों के बीच बिजली की दरों में वृद्धि एवं पराली जलाने पर जुर्माने पर प्रदर्शनकारी किसानों की चिंताओं के समाधान पर बात बनी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 7:59 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन (Farmer Protest) दिनों दिन उग्र हो रहा है. इसी बीच आज केंद्र सरकार और किसानों की एक और बैठक होने वाली है. उम्मीद लगाई जा रही है कि आज होने वाली बैठक में किसान और केंद्र सरकार के बीच कोई बीच का रास्ता निकल सकता है और आंदोलन खत्म हो सकता है. बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने पर चर्चा हो सकती है. सरकार के साथ बैठक से पहले किसान नेता हरमीत सिंह ने कहा, 'बैठक में हम तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे.'

वहीं, किसानों के साथ बैठक से पहले रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार तोमर और राजनाथ की बैठक में वर्तमान संकट के यथाशीघ्र समाधान के लिए सरकार की रणनीति पर चर्चा की. तोमर ने सिंह के साथ इस संकट के समाधान के लिए ‘बीच का रास्ता’ ढूंढने के लिए ‘‘सभी संभावित विकल्पों’’ पर चर्चा की.

पिछली बैठक में दो मुद्दों पर बनी थी बात

पांच दौर की वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद 30 दिसंबर को छठे दौर की वार्ता में सरकार और 40 किसान संगठनों के बीच बिजली की दरों में वृद्धि एवं पराली जलाने पर जुर्माने पर प्रदर्शनकारी किसानों की चिंताओं के समाधान पर बात बनी थी. लेकिन तीन कृषि कानूनों के निरसन एवं एमएसपी को कानूनी गारंटी देने के विषय पर दोनों पक्षों में गतिरोध कायम है.
हाड़ कंपाती ठंड, बारिश बीच मांगों लेकर डटे किसान

नए साल की शुरुआत के बाद से हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और रविवार को बारिश के कहर के बीच कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर डटे हुए हैं. बॉर्डर पर किसान किसी तरह अपने आप को ठंड से बचाने की जद्दोजहद में लगे रहे. बारिश से खुद को बचाने के लिए कुछ किसान भागकर टेंट और ट्रॉली के नीचे छिप गए.
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