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झांसी:-खाद के लिए किसान कर रहे त्राहिमाम, एक ने गंवाई जान

झांसी:-खाद के लिए किसान कर रहे त्राहिमाम, एक ने गंवाई जान

खाद

खाद के लिए हंगामा करते किसान

जिले में खाद को लेकर किसानों का हंगामा लगातार जारी है.खाद ना मिल पाने से किसान लगातार परेशान हैं। एक किसान की तो लाइन में खड़े-खड़े मृत्यु हो जाने के बाद किसानों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया.गौरतलब है कि बुंदेलखंड के किसान मौसम की मार से हमेशा ही परेशान रहते हैं.बारिश से आई मिट्टी में नमी खत्म होने से पहले किसान बुवाई कर लेने की योजना बना रहे हैं.

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    जिले में खाद को लेकर किसानों का हंगामा लगातार जारी है.खाद ना मिल पाने से किसान लगातार परेशान हैं। एक किसान की तो लाइन में खड़े-खड़े मृत्यु हो जाने के बाद किसानों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया.ललितपुर के किसान भोगी पाल दो दिनों से खाद के लिए लाइन में खड़े थे.वह पहले भी खाद के लिए परेशान घूम रहे थे. आखिरकार उन्होंने दो दिन लाइन में लगना उचित समझा.उसी लाइन में खड़े खड़े उनकी मौत हार्ट अटैक से हो गई.यूं तो मेडिकल भाषा में मौत का कारण जो भी हो, लेकिन वहां मौजूद किसानों ने इसका कारण उनका लाइन में खड़े होने बताया.

    <b>मंत्री का बयान हुआ वायरल</b>
    भोगी पाल की मृत्यु की खबर जैसे ही फैली लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया.गुस्साए किसानों ने सड़कों पर जाम लगा दिया जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई. इस हंगामे के बीच किसानों से मिलने पहुंचे राज्यमंत्री मन्नूलाल कोरी का एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ.किसानों ने जब मंत्री से खाद की आपूर्ति को लेकर शिकायत की तो उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा, “वोट देना हो तो देना, नहीं देना हो तो मत देना, हम वो काम करते हैं जो कोई नहीं करता” हालांकि बाद में उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, उनके समस्या का समाधान किया जा रहा है.

    <b>समय से बुआई करना चाहते हैं किसान</b>
    गौरतलब है कि बुंदेलखंड के किसान मौसम की मार से हमेशा ही परेशान रहते हैं. कभी तो पानी की कमी की वजह से खड़ी फसल मुरझा जाती है, तो वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश उनकी मेहनत को बर्बाद कर देती है. इस बार ज्यादा बारिश हो जाने की वजह से खरीफ की फसल को नुकसान हुआ, लेकिन इस बारिश ने रबी सीजन में अच्छी पैदावार होने की आस बंधा दी है. बारिश से आई मिट्टी में नमी खत्म होने से पहले किसान बुवाई कर लेने की योजना बना रहे हैं. यही वजह है कि खाद के लिए पिछले तीन-चार दिनों में मांग बढ़ गई है.किसानों में जरूरत के मुताबिक खाद का कोटा हासिल करने की होड़ मची हुई है.

    (रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

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