अपना शहर चुनें

States

तो 5 मिनट में सुलझ जाएगा किसान आंदोलन, संजय राउत ने दी सरकार को यह सलाह

संजय राउत. फाइल फोटो
संजय राउत. फाइल फोटो

Farmers Protest: संजय राउत ने बताया, 'अगर प्रधानमंत्री खुद दखल देते हैं, तो यह 5 मिनट में सुलझ सकता है.' उन्होंने कहा, 'मोदी जी बड़े नेता हैं, सभी लोग उन्हें सुनेंगे. आप अपने स्तर पर बातचीत शुरू कीजिए इसके बाद जादू देखिए.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 4:34 PM IST
  • Share this:
मुंबई. सरकार के साथ कई बार बातचीत होने के बाद भी नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. इसी बीच शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बुधवार को सरकार को किसान आंदोलन (Farmers Protest) खत्म करने का तरीका बताया है. उन्होंने दावा किया है कि इस उपाय से किसानों का प्रदर्शन केवल 5 मिनट में खत्म हो सकता है. खास बात है कि तीन हफ्तों से जारी इन प्रदर्शनों के चलते दिल्ली से जुड़े कई हाईवे प्रभावित हुए हैं. किसान सरकार के कानून में संशोधनों के प्रस्ताव को भी ठुकरा चुकी है.

अगर पीएम चाहें तो...
संजय राउत ने कहा, 'अगर सरकार चाहे, तो यह मुद्दा आसानी से किसानों के साथ बैठकर आधे घंटे में खत्म हो सकता है.' उन्होंने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दखल देने की भी बात कही है. राउत ने बताया, 'अगर प्रधानमंत्री खुद दखल देते हैं, तो यह 5 मिनट में सुलझ सकता है.' उन्होंने कहा, 'मोदी जी बड़े नेता हैं, सभी लोग उन्हें सुनेंगे. आप अपने स्तर पर बातचीत शुरू कीजिए इसके बाद जादू देखिए.'

सितंबर में सामने आए इन कानूनों के जरिए सरकार ने कृषि क्षेत्रों (Agriculture Sector) में बड़े बदलाव करने की योजना बनाई थी. इन कानूनों के बाद कृषि क्षेत्र में बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसान देश में कहीं भी अपना अनाज बेच सकेंगे. हालांकि, किसान संगठन लगातार इन कानूनों को एमसपी के लिए खतरा बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इससे कृषि क्षेत्र में कॉर्पोरेट दखल बढ़ेगा.



सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को थमाया नोटिस
कानून के एक छात्र ने याचिका दायर कर कहा था कि प्रदर्शनों के चलते नेशनल कैपिटल की सीमाएं बंद हो गईं हैं और इससे कोविड-19 मामले भी बढ़ेंगे. याचिकाकर्ता ने सीमाओं से किसानों को हटाए जाने की मांग की थी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई की. अदालत ने इसके संबंध में केंद्र को नोटिस दिया है. कोर्ट ने सुनवाई को गुरुवार तक के लिए टाल दिया है. मामले की सुनवाई सीजेआई एसए बोबड़े, एस बोपन्ना और वी सुब्रमण्यम की बेंच ने की थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज