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300 ट्रेनें प्रभावित, 40 कैंसिल, 6 घंटे चला 'रेल रोको' आंदोलन, जानें सबकुछ

300 ट्रेनें प्रभावित, 40 कैंसिल, 6 घंटे चला 'रेल रोको' आंदोलन, जानें सबकुछ

लखीमपुर खीरी हिंसा में न्याय की मांग को लेकर रेलवे लाइन पर प्रदर्शन करते किसान. (पीटीआई)

लखीमपुर खीरी हिंसा में न्याय की मांग को लेकर रेलवे लाइन पर प्रदर्शन करते किसान. (पीटीआई)

नए कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukta Kisan Morcha) ने यह आंदोलन किया है. मोर्चे की मांग है कि लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाया जाए और उनकी गिरफ्तारी हो.

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    नई दिल्ली. लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) के विरोध में सोमवार को किसानों का रेल रोको आंदोलन (Rail Roko Protest) आम तौर पर शांतिपूर्ण रहा. करीब 6 घंटे तक चले इस अभियान के दौरान देशभर में तकरीबन 300 ट्रेनें प्रभावित हुईं और करीब 40 ट्रेनें रद्द हो गईं. दरअसल नए कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा ने यह आंदोलन किया है. मोर्चे की मांग है कि लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को पद से हटाया जाए और उनकी गिरफ्तारी हो.

    मामले में अजय मिश्रा का बेटा आशीष मिश्रा आरोपी है. इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई थी. सोमवार को आंदोलन के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि उनके नेताओं को कई जगह पर हिरासत में लिया गया. मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर लखीमपुर मामले में न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

    कई जगह हुईं गिरफ्तारियां
    एक विज्ञप्ति के माध्यम से मोर्चा ने बताया- उत्तर प्रदेश में कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया. मध्य प्रदेश में पुलिस ने गुना, ग्वालियर, रीवा, झाबुआ और अन्य जगहों पर गिरफ्तारी की.

    क्या बोले राकेश टिकैत
    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अजय मिश्रा टेनी को आजाद घूमने की छूट नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा-रेल रोको आंदोलन बेहतर था. अब हम आगे के कार्यक्रमों को लेकर रणनीति बनाएंगे. जब तक अजय मिश्रा गिरफ्तार नहीं हो जाते और अपना इस्तीफा नहीं सौंप देते, हम अपने विचार रखते रहेंगे.

    इससे पहले टिकैत ने कहा था कि सरकार ने किसानों से अब तक बात नहीं की है. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा-ये प्रदर्शन देश के विभिन्न जिलों में किया जा रहा है. जो लोग हमारे आंदोलन के बारे में जानते हैं वो रेल रोको अभियान से वाकिफ हैं. केंद्र सरकार ने हमसे अब तक कोई बातचीत नहीं की है.

    Tags: Farmers Agitation, Rail roko andolan

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