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Kisan Andolan: किसानों का ऐलान- मांगें माने जाने तक नए साल का नहीं मनाएंगे जश्न

किसानों का आंदोलन  (फोटो- AP)
किसानों का आंदोलन (फोटो- AP)

Farmer Protests: प्रदर्शनकारी किसान तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को खत्म करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 2:36 PM IST
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Kisan Andolan: दिल्ली की सीमा पर पिछले एक महीने से किसानों का आंदोलन ( Farmer Protests) जारी है. केंद सरकार के साथ हुई बातचीत का अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला है. इस बीच साल 2020 के आखिरी दिन किसानों ने कहा है कि जब तक कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर उनकी मांगें सरकार नहीं मान लेती, तब तक वो प्रदर्शन करते रहेंगे और वो नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे. बता दें कि  प्रदर्शनकारी किसान तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को खत्म करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं.

किसानों का कहना था कि बुधवार को हुई बातचीत में सरकार ने बिजली बिल में बढ़ोतरी और पराली जलाने पर जुर्माना लगाने से जुड़ी चिंताओं का निदान करने का भरोसा दिया, लेकिन यह जश्न मनाने के लिए काफी नहीं है. पंजाब के रोपड़ से आए किसान हरजिंदर सिंह ने कहा, ‘सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मान लेती, तब तक हमारे के लिए कोई नया साल नहीं है.’

'हमारी सारी मांगों को सुनना होगा'
पंजाब के होशियापुर से पहुंचे हरमेश सिंह ने कहा, ‘सरकार जिन दो मांगों पर सहमत हुई है वो अभी कानून नहीं हैं. अभी इनका असर नहीं होना था. हम सरकार के पास स्पष्ट मांगों के साथ गए हैं. वे अपने हिसाब से चीजें तय नहीं कर सकते. उन्हें हमारी सारी मांगों को सुनना होगा.’




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'किसान भी हमारा परिवार हैं'
सिंघु बॉर्डर पर मौजूदा ज्यादातर किसान लंबे समय से अपने परिवारों से दूर हैं और नए साल के मौके पर भी दूर रहेंगे, लेकिन उन्हें इससे कोई शिकायत नहीं है. हरजिंदर ने कहा, ‘हमें अपने परिवार की याद आ रही है, लेकिन ये किसान भी हमारा परिवार हैं. ये सभी हमारे भाई हैं.’जालंधर के निवासी गुरप्रीत हैयर और भटिंडा के रहने वाले प्रताप सिंह ने फैसला किया है कि वह हर साल की तरह इस बार भी नववर्ष के अवसर पर ‘सेवा’ करेंगे, लेकिन इस बार वे किसान के बीच करेंगे. (PTI इनपुट के साथ)
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