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विधानसभा चुनाव में BJP को घेर रहे किसान, कहा- हार कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर करेगी

विधानसभा चुनाव में BJP को घेर रहे किसान, कहा- हार कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर करेगी

मोर्चा ने पत्र में कहा कि चुनाव में हार से केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर होगी. (किसान आंदोलन की फाइल फोटो: Shutterstock)

मोर्चा ने पत्र में कहा कि चुनाव में हार से केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर होगी. (किसान आंदोलन की फाइल फोटो: Shutterstock)

Farmers Protest: किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को वोट न देने की अपील की है. किसानों को नए कृषि कानूनों का विरोध करते हुए 100 दिनों से ज्यादा का समय बीत चुका है.

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    कोलकाता. नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ बीते साल सितंबर से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को विधानसभा चुनावों (Assembly election) में घेरने की तैयारी की है. विभिन्न किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के किसानों और अन्य लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने का अनुरोध किया. मोर्चा ने कहा कि चुनावी हार केंद्र की भाजपा नीत सरकार को तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर करेगी.

    एसकेएम नेता योगेंद्र यादव ने संवाददाताओं से कहा, 'हम किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं या लोगों से यह नहीं कर रहे हैं वे किसे वोट दें, लेकिन हमारी एकमात्र अपील है कि भाजपा को सबक सिखाया जाए.' एसकेएम ने एक पत्र भी जारी किया जिसमें राज्य के किसानों से भाजपा को वोट नहीं देने का आग्रह किया गया है. मोर्चा ने पत्र में कहा कि चुनाव में हार से केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर होगी.



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    सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने भाजपा पर ‘देश कुछ कॉरपोरेटों को बेचने' की कोशिश करने का आरोप लगाया और लोगों से अपने मताधिकार का प्रयोग सावधानीपूर्वक करने का आग्रह किया. किसानों के आंदोलन को 'अपमानित’ करने के लिए केंद्र की निंदा करते हुए पाटकर ने आरोप लगाया कि ब्रिटिश शासकों ने भी ऐसे कृत्यों का सहारा नहीं लिया जैसा वर्तमान सरकार कर रही है. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने का स्वागत किया.

    चुनावी राज्यों में जाने की तैयारी
    2021 में देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. अब किसानों ने आंदोलन का स्वरूप बदलने का फैसला किया है. गुरुवार को चंडीगढ़ में किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा 'किसानों को विरोध करते हुए 105 दिन पूरे हो चुके हैं. हमने टीम बनाने का फैसला किया है, जो उन 5 राज्यों में जाएंगे जहां चुनाव होने हैं.' इस दौरान उन्होंने किसानों की रणनीति को लेकर भी चर्चा की. उन्होंने बताया 'इस दौरान बीजेपी के अलावा किसी को भी वोट देने की अपील की जाएगी.' राजेवाल ने जानकारी दी के वे कोलकाता जाएंगे.

    (भाषा इनपुट के साथ)

    Tags: Assembly Election 2021, BJP, Farmers, West Bengal Election

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