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किसानों का बड़ा ऐलान, 10 अप्रैल को करेंगे 24 घंटे के लिए KMP ब्लॉक

26 नवंबर 2020 को पंजाब और हरियाणा से निकले किसानों के जत्थों जे दिल्ली की तरफ कूच किया था. दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस के साथ हुए संघर्ष में किसानों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया था.

26 नवंबर 2020 को पंजाब और हरियाणा से निकले किसानों के जत्थों जे दिल्ली की तरफ कूच किया था. दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस के साथ हुए संघर्ष में किसानों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया था.

Kisan Aandolan: संयुक्त किसान मोर्चा (Sankyut Kissan Morcha) ने ऐलान किया है कि 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) ब्लॉक किया जाएगा. 10 अप्रैल सुबह 11 बजे से 11 अप्रैल सुबह 11 बजे तक किसान KMP पर बैठेंगे और 24 घंटे के लिए जाम करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 8:10 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में दिल्ली की सीमाओं (Delhi Borders) पर धरने पर बैठे किसान संगठनों ने बड़ा ऐलान किया है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sankyut Kissan Morcha) ने ऐलान किया है कि 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) ब्लॉक किया जाएगा. 10 अप्रैल सुबह 11 बजे से 11 अप्रैल सुबह 11 बजे तक किसान KMP पर बैठेंगे और 24 घंटे के लिए जाम करेंगे.

कल संयुक्त किसान मोर्चा की आमसभा हुई जिसमें अप्रैल और मई महीने में होने वाले कार्यक्रम तय किये गए. किसानों ने 6 बड़े कार्यक्रम तय किये हैं.
>> 5 अप्रैल को FCI बचाओ दिवस मनाया जाएगा जिस दिन देशभर में FCI के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा.
>> 10 अप्रैल को 24 घंटों के लिए केएमपी ब्लॉक किया जाएगा.
>> 13 अप्रैल को वैशाखी का त्योहार दिल्ली की सीमाओं पर मनाया जाएगा.
>> 14 अप्रैल को डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा.


>> 1 मई मजदूर दिवस दिल्ली के बॉर्डर्स पर मनाया जाएगा. किसानों का कहना है कि इस दिन सभी कार्यक्रम मजदूर किसान एकता को समर्पित होंगे.
>> मई के पहले हफ्ते में संसद कूच किया जाएगा. किसानों का दावा है इस पैदल मार्च में महिलाएं, दलित-आदिवासी-बहुजन, बेरोज़गार युवा और समाज का हर तबका शामिल होगा. यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण तरीके से होगा. किसानों ने कहा कि अपने गावों शहरों से लोग दिल्ली के बॉर्डर तक अपने वाहनों से आएंगे. इसके बाद दिल्ली के बॉर्डर्स से सांसद तक पैदल मार्च किया जाएगा. तारीख तय नहीं की गई है. अगले कुछ दिनों में तारीख का ऐलान किया जाएगा.

किसान आंदोलन में अब तक क्या हुआ?
26 नवंबर 2020 को पंजाब और हरियाणा से निकले किसानों के जत्थों ने दिल्ली की तरफ कूच किया था. दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस के साथ हुए संघर्ष में किसानों को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया था.
1 दिसंबर से सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ. एक के बाद एक 11 दौर की बातचीत सरकार और तकरीबन 40 किसान संगठनों के नेताओं के बीच हुई. ये सारी बैठक बेनतीजा रहीं. 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर रोक लगा दी थी और एक कमेटी का गठन किया था हालांकि किसानों ने कमेटी को नहीं माना.

26 जनवरी को किसान परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद लगने लगा था कि किसान आंदोलन कमज़ोर पड़ रहा है लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं ने आंदोलन में नई जान डाल दी. जिसके बाद आंदोलन अगले चरण में ले जाते हुए किसान संगठनों ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों पंचायत और महापंचायत की जो अभी भी जारी हैं.
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