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71 हजार करोड़ रुपये के कर्ज तले दबे हैं पंजाब के किसान, क्या भगवंत मान इसे माफ करेंगे?

पंजाब में कृषि विकास पिछले कुछ सालों से स्थिर हो गया और जमीन के बंजर होने का जोखिम बढ़ गया है. .(फाइल फोटो)

पंजाब में कृषि विकास पिछले कुछ सालों से स्थिर हो गया और जमीन के बंजर होने का जोखिम बढ़ गया है. .(फाइल फोटो)

Punjab Farmer debt burden: पंजाब में किसानों के ऊपर 71 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. आम आदमी पार्टी बिजली-पानी मुफ्त जैस ...अधिक पढ़ें

    चंडीगढ़. हरित क्रांति (Green Revolution) का अगुआ पंजाब अब अपने बढ़ते कृषि ऋण (agricultural credit) के लिए जाना जाता है. पिछले साल जुलाई में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के अनुसार पंजाब में किसानों के 21.94 लाख बैंक खातों पर 71,305 करोड़ रुपये का बकाया कृषि ऋण (outstanding agricultural loan) है. कृषि में किसानों पर आया यह संकट नियमित रूप से किसानों की आत्महत्या की ओर ले जाता है.

    इसके बावजूद पंजाब इस तथ्य पर गर्व करता है कि यह दुनिया में गेहूं के सकल उत्पादक के रूप में 7वें स्थान पर है और कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बाद तीसरा सबसे बड़ा विपणन योग्य अधिशेष उत्पन्न करता है, जो कि गेहूं के वैश्विक व्यापार का लगभग दसवां हिस्सा है. चुनाव में सभी बड़ी पार्टी कृषि ऋण माफी के सीमित वायदों के साथ उतरी थीं, ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या पंजाब के मुख्यमंत्री बनने वाले भगवंत मान कृषि कर्ज को माफ करेंगे.

    पंजाब में भूजलस्तर गिरने की समस्या
    धान की अंधाधुंध बुवाई के कारण चावल के मामले में पंजाब का बाजार अधिशेष थाईलैंड के बाद दूसरे स्थान पर है. कृषि विभाग के अनुसार पिछले 40 वर्षों में चावल के रकबे में 895 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इसके उत्पादन में 3,307 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. चावल का उत्पादन राज्य को मरुस्थलीकरण की ओर धकेल रहा है. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया है कि राज्य के 18 जिलों में भूजल का अत्यधिक दोहन किया गया है, जहां यह 1998 के मुकाबले भू जल स्तर 10 मीटर से 30 मीटर तक नीचे गिर गया है.

    पंजाब में कृषि विकास स्थिर
    इनपुट की बढ़ती लागत के साथ कीमतों में कोई समान वृद्धि नहीं हुई है. कीटनाशकों और उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से खेतों से होने वाली आय में ठहराव आ रहा है. 2017 में इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस की एक रिपोर्ट में पाया गया कि राज्य में कृषि विकास पिछले दो दशकों में स्थिर होना शुरू हो गया, जो 1986 में 5.07 प्रतिशत प्रति वर्ष से गिरकर 2015 में केवल 1.6 प्रतिशत रह गया. ऐसे में पंजाब में एक सशक्त कृषि नीति की उम्मीद किसानों को आप सरकार से है. जिसकी वजह से उन्होंने पंजाब की सियासत में एक बड़ा उलटफेर किया है.

    Tags: Bhagwant Mann, Farmer, Punjab

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