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Farmers Protest: कल दिल्ली-जयपुर और आगरा हाईवे जाम करेंगे किसान, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

किसान आंदोलन
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Farmer Protest 16th Day Updates: किसानों ने ऐलान किया है कि वह दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम करेंगे. इसे लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है. किसानों द्वारा जयपुर हाईवे एनएच-48 ब्लॉक करने के ऐलान के बाद भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है. 2 हजार से अधिक पुलिस कर्मी एनएच-48 पर मोर्चा संभालेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2020, 11:29 PM IST
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Farmer Protest 16th Day Updates: नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर देशभर के किसान 16 दिन से आंदोलनरत हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर गुरुवार को मीडिया से मुखातिब हुए और एक बार फिर किसानों से आंदोलन खत्म करने की गुजारिश की. कृषि मंत्री की अपील का किसानों पर कोई असर नहीं हुआ.

उन्होंने साफ और स्पष्ट शब्दों में आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया. किसान पहले दिन से तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. अब किसानों ने आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाने की ठान ली है. किसान अब 12 दिसंबर को देशभर के टोल नाकाओं को फ्री करने की तैयारी में हैं. जबकि 14 दिसंबर को देशभर में बीजेपी नेताओं के घेराव से लेकर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की योजना है. यही नहीं सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए किसान संगठनों ने 12 दिसंबर से दिल्ली की घेराबंदी बढाने की चेतावनी भी दे दी है. किसानों को मनाने के लिए पीएम मोदी ने खास अपील की है.

दिल्ली-जयपुर हाईवे को करेंगे जाम
किसानों ने ऐलान किया है कि वह दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम करेंगे. इसे लेकर हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है. किसानों द्वारा जयपुर हाईवे एनएच-48 ब्लॉक करने के ऐलान के बाद भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है. 2 हजार से अधिक पुलिस कर्मी एनएच-48 पर मोर्चा संभालेंगे.
बातचीत के लिए सरकार दें औपचारिक संदेशः टिकैत


भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा कि यदि सरकार किसान नेताओं से बातचीत करना चाहती है तो उसे पिछली बार की तरह औपचारिक रूप से संदेश देना चाहिए. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नये कृषि कानूनों के निरसन से कुछ भी कम स्वीकार्य नहीं होगा.

सरकार ने किसान संगठनों से, उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए अधिनियम में संशोधन करने के उसके प्रस्तावों पर गौर करने का आह्वान किया था और कहा था कि जब भी किसान संगठन चाहें, वह उनके साथ अपनी इस पेशकश पर चर्चा के लिए तैयार है. टिकैत ने कहा, ‘‘ उसे (सरकार को) पहले हमें यह बताना चाहिए कि वह कब और कहां हमारे साथ बैठक करना चाहती है जैसा कि उसने पिछली वार्ताओं के लिए किया. यदि वह हमें वार्ता का निमंत्रण देती है तो हम अपनी समन्वय समिति में उस पर चर्चा करेंगे और फिर निर्णय लेंगे.’’

कानून को निरस्त करने की मांग पर अड़े किसान
भाकियू नेता ने कहा कि जबतक सरकार तीनों कानूनों को निरस्त नहीं करती है तबतक घर लौटने का सवाल ही नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार ने आगे की चर्चा के लिए न्यौता भेजा है तो उन्होने कहा कि किसान संगठनों को ऐसा कुछ नहीं मिला है. उन्होंने कहा, ‘‘ एक बात बहुत स्पष्ट है कि किसान नये कृषि कानूनों के निरसन से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे.’’ किसान नेताओं ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि यदि उनकी मांगें सरकार नहीं मानती है तो वे देशभर में रेलमार्गों को जाम कर देंगे और शीघ्र ही उसकी तारीख घोषित करेंगे.

कृषि मंत्री ने की आंदोलन खत्म करने की अपील
हालांकि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने आशा जतायी कि शीघ्र ही हल निकल आएगा. उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ संवाददाताओं से कहा, ‘‘ सरकार प्रदर्शनकारी किसानों के साथ और चर्चा करने के लिए तैयार है, हमने किसान संगठनों को अपने प्रस्ताव भेजा हैं. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं उनसे यथासंभव चर्चा के लिए तारीख तय करने की अपील करना चाहता हूं. यदि उनका कोई मुद्दा है तो सरकार चर्चा के लिए तैयार है.’’

कृषि मंत्री ने कहा कि जब वार्ता जारी है तब किसान संगठनों के लिए आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करना उचित नहीं है, उनकी उनसे वार्ता की मेज पर लौट आने की अपील है. ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन समिति ने तोमर की उनके बयान को लेकर आलोचना की और दावा किया कि सरकार ही है जो कानूनों को वापस नहीं लेने पर अड़ी हुई है.
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