किसान आंदोलन: दिल्‍ली पुलिस के निशाने पर सामाजिक कार्यकर्ता, योगिता भयाना के खिलाफ FIR दर्ज

किसान आंदोलन में फर्जी ट्वीट करने को लेकर दिल्‍ली पुलिस ने सामाजिक  कार्यकर्ता योगिता भयाना के खिलाफ एफआईआर  दर्ज की.

किसान आंदोलन में फर्जी ट्वीट करने को लेकर दिल्‍ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की.

किसान ट्रैक्‍टर रैली में हिंसा के चलते किसानों पर पहले से ही मामले दर्ज हैं अब दिल्‍ली पुलिस ने किसान आंदोलन में फर्जी ट्वीट करने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 11:19 PM IST
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नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन में शामिल होने वाले किसानों और पत्रकारों को गिरफ्तार करने के बाद अब सामाजिक कार्यकर्ता भी दिल्‍ली पुलिस के निशाने पर हैं. दिल्‍ली पुलिस ने जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. भयाना पर सोशल मीडिया में कथित रूप से किसान विरोध प्रदर्शन के संबंध में कई ट्वीट पोस्ट करने को लेकर मामला दर्ज हुआ है.

योगिता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41A के तहत एक एफआईआर में धारा 153A (धारा 153 के तहत दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) के तहत नोटिस दिया गया है, 153A (धर्म, जाति, स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) जन्म, निवास, भाषा, इत्यादि करना सद्भाव के रखरखाव के लिए पूर्वाग्रह का कार्य करता है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दंड संहिता 505 (1) (बी) का उद्देश्य किसी भी विवादित बयान, अफवाह या रिपोर्ट को प्रकाशित या प्रसारित होने से रोकना है  जिसके कारण पुलिस बल या अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रभावित होने की सम्भावना हो सकती है.

दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि योगिता भयाना ने हाल ही में ट्विटर पर किसान विरोध प्रदर्शन से संबंधित कुछ ट्वीट किए थे जो कथित रूप से नकली पाए गए थे. दिल्ली पुलिस ने नोटिस के माध्यम से योगिता को इस संबंध में जांच में शामिल होने के लिए कहा है.

योगिता भयाना ने किसानों को लेकर ट्वीट्स किए थे.
योगिता भयाना ने किसानों को लेकर ट्वीट्स किए थे.

हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को गिरफ्तार किया था. मनदीप पर प्रदर्शनकारियों को अपने नारों के साथ उकसाने और सिंघू विरोध स्थल पर नारेबाजी करने का आरोप था लेकिन अदालत ने पत्रकार को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था. दिल्ली पुलिस के अनुसार, किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान गणतंत्र दिवस पर उपद्रवी भीड़ द्वारा कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया।

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बता दें कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं. इसी क्रम में 26 जनवरी को किसान आंदोलन उग्र हो गया था.

बता दें कि योगिता भयाना पीपल अगेंस्ट रेप्स इन इंडिया (परी) की संस्थापक हैं. योगिता दिल्ली स्थित एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिला सशक्तिकरण के उद्धेश्‍य से पिछले 10 साल से सामाजिक हक की लड़ाई में आम लोगों के पक्ष में काम कर रही हैं. परी संस्‍था भारत में रेप पीड़ितों की देखभाल और उनकी कानूनी लड़ाई में मदद करती है. निर्भया को न्याय दिलाने में भी योगिता की भूमिका रही है.

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