किसान आंदोलनः महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर किसान नेताओं ने एक दिन का उपवास रखा

किसान नेताओं का दावा है कि गाजीपुर, सिंघू एवं टिकरी बॉर्डर सहित अन्य धरना स्थलों पर प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या बढ़ रही है. (सांकेतिक तस्वीर: AP)

Farmers Protest: किसान नेताओं ने शुक्रवार को बीजेपी (BJP) और केंद्र सरकार की निंदा करते हुए आरोप लगाया था कि वह ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन को ‘नष्ट’ करने की कोशिश कर रही है.

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    नई दिल्ली. केंद्र के तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेता शनिवार को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की पुण्यतिथि को ‘सदभावना दिवस’ के रूप में मना रहे हैं और विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर उन्होंने एक दिन का उपवास रखा है. संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के वरिष्ठ सदस्य एवं किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन और मजबूत होगा क्योंकि आने वाले दिनों में और किसान इसमें शामिल होंगे. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को किसान नेताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार की निंदा करते हुए आरोप लगाया था कि वह ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन को ‘नष्ट’ करने की कोशिश कर रही है. किसान नेताओं ने दावा किया कि गाजीपुर बॉर्डर से किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) को बृहस्पतिवार रात को कथित तौर पर पुलिस द्वारा हटाए जाने की कोशिश करने के बाद से गाजीपुर, सिंघू एवं टिकरी बॉर्डर सहित अन्य धरना स्थलों पर प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या बढ़ रही है.

    दूसरी ओर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि सरकार अब भी प्रस्ताव लेकर किसानों के समक्ष खड़ी है. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा, 'कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से जो कहा वह मैं फिर से दोहराना चाहता हूं.' उन्होंने कहा, 'हम आम सहमति तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हम आपको (किसानों को) प्रस्ताव दे रहे हैं. आप जाएं और इस पर चर्चा कर लें.' इसके साथ ही उन्होंने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की कही बात को दोहराया कि वह किसानों से बस एक फोन कॉल की दूरी पर हैं.

    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सर्वदलीय बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि 'पीएम मोदी ने बैठक में भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की मांगों पर खुले मन से विचार करने के लिए तैयार है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और किसानों के बीच 11वीं वार्ता में जो प्रस्ताव दिया गया था, वह अब भी बरकरार है.'

    प्रधानमंत्री ने कहा, 'सरकार का प्रस्ताव अभी भी है. कृपया अपने समर्थकों को यह बात बताएं. बातचीत के जरिए यह समाधान निकाला जाना चाहिए. हम सभी को राष्ट्र के बारे में सोचना होगा.'

    पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के मसलों को वार्ता के जरिए सुलझाने की लगातार कोशिश कर रही है. सरकार द्वारा राजनीतिक दलों के समक्ष अपना विधायी एजेंडा रखने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है.

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