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'कोरिया है क्या ये कंट्री कि ऐलान कर दिया...' सरकार के खिलाफ राकेश टिकैत के तीखे बोल

'कोरिया है क्या ये कंट्री कि ऐलान कर दिया...' सरकार के खिलाफ राकेश टिकैत के तीखे बोल

राकेश टिकैत ने एमसएपी पर चर्चा की मांग दोहराई है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

राकेश टिकैत ने एमसएपी पर चर्चा की मांग दोहराई है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Farmers Protest: भारतीय किसान यूनियन के नेता टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा, 'सरकार बातचीत कर ले, तब जाएंगे.' रविवार को मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित महापंचायत में टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी थी. उन्होने कहा था, 'हम सभी किसानों के लिए MSP पर कानून समेत 6 मांगों को लेकर सरकार के साथ तत्काल दोबार बातचीत शुरू करने की मांग कर रहे हैं.'

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    नई दिल्ली. किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने साफ कर दिया है कि वे सरकार से बातचीत के बाद ही धरना स्थल से वापस जाएंगे. सोमवार को उन्होंने एंबुलेंस रोकने के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि इस बारे में दिल्ली पुलिस से बात की जाए. आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि तीन कृषि कानूनों को संसदीय प्रक्रिया के तहत निरस्त किया जाएगा. इस संबंध में संसद में बिल पेश हो सकता है.

    भारतीय किसान यूनियन के नेता टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा, ‘सरकार बातचीत कर ले, तब जाएंगे.’ उन्होंने कहा, ‘कोरिया है क्या ये कंट्री कि ऐलान कर दिया’ हाल ही किसान नेता ने यह कहा था कि सरकार के एमएसपी पर गारंटी देने और मुआवाजे का मुद्दा सुलझने तक किसान नहीं लौटेंगे. साथ ही किसान नेता तीन कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

    यह भी पढ़ें: क्या खत्म होगा किसानों का आंदोलन? आज किसान यूनियन कर सकते हैं फैसला

    सरकार को दी थी चेतावनी
    रविवार को मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित महापंचायत में टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी थी. उन्होने कहा था, ‘हम सभी किसानों के लिए MSP पर कानून समेत 6 मांगों को लेकर सरकार के साथ तत्काल दोबार बातचीत शुरू करने की मांग कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अगर आपको सरकार मिले, तो उन्हें कह देना कि हम उनसे बात करना चाहते हैं. उन्हें अपना दिमाग ठिकाने पर रखना चाहिए, क्यों कि गणतंत्र दिवस आ रहा है. दिल्ली में हजारों ट्रैक्टर इंतजार कर रहे हैं.’

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टिकैत ने आरोप लगाया था, ‘सरकार MSP को लागू करने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि निगमों में अनाज को रखने और कम दामों पर खरीदने के लिए बड़े वेयरहाउस खरीदे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अगर आप हमारी बैठक में बाधा डालने की कोशिश करेंगे, तो हम आपकी बैठक बाधित करेंगे. हम साथ बैठक बातचीत करना चाहते हैं. हम भीख नहीं मांग रहे हैं.’

    भाषा के अनुसार, कई किसान तीन कृषि कानूनों- कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020- के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर नवंबर 2020 से ही प्रदर्शन कर रहे हैं.

    Tags: Farmers Protest, MSP, Rakesh Tikait, Three Farm Laws

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