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Farmers Protest: कृषि कानूनों पर किसानों ने सरकार से हां या ना में मांगा जवाब, 9 दिसंबर को होगी बैठक

विज्ञान भवन में अपना विरोध जाहिर करते किसान नेता.
विज्ञान भवन में अपना विरोध जाहिर करते किसान नेता.

Farmers Protest: सरकार से बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि हमारे पास एक साल की सामग्री है. हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं. अगर सरकार चाहती है कि हम सड़क पर रहें, तो हमें कोई समस्या नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 6, 2020, 6:35 AM IST
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नई दिल्ली. विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं (Farmer Protest) के बीच 5वें दौर की वार्ता खत्म हो चुकी हैं. शनिवार को हुई बैठक के दौरान अचानक किसान नेताओं ने मौन धारण कर लिया है. विज्ञान भवन में किसान नेता तख्‍ती लेकर बैठ गए. उनका कहना है कि अब जवाब हां या नहीं में चाहिए. जबकि बैठक के कमरे से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) और पीयूष गोयल बाहर निकल गए हैं. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अगले 9 दिसंबर को सभी हितधारकों के अनुरोध पर किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच फिर से वार्ता होगी.

बैठक खत्म होने के बाद विज्ञान भवन से निकले किसान नेताओं ने कहा, केंद्र सरकार ने कहा है कि वे हमें 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेंगे. हम आपस में इस पर चर्चा करेंगे जिसके बाद उसी दिन उनके साथ बैठक होगी. दरअसल, सरकार के साथ बातचीत के दौरान दौरान किसान भड़क गए. उन्होंने कह दिया कि सरकार मांगे पूरी करे, नहीं तो मीटिंग छोड़कर चले जाएंगे. उधर, कृषि मंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आप सीनियर सिटीजंस और बच्चों से घरों को लौटने के लिए कहिए.


बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत ने कहा, 'सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी. उन्होंने कहा कि वे राज्यों से भी सलाह लेंगे. MSP पर भी चर्चाएं हुईं लेकिन हमने कहा कि हमें कानूनों को भी अपनाना चाहिए और उनके रोल के बारे में बात करनी चाहिए. भारत बंद (8 दिसंबर को) घोषणा के अनुसार होगा.'



हमारे पास एक साल का सामान हैः किसान
सरकार से बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि हमारे पास एक साल की सामग्री है. हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं. अगर सरकार चाहती है कि हम सड़क पर रहें, तो हमें कोई समस्या नहीं है. हम अहिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे. इंटेलिजेंस ब्यूरो आपको सूचित करेगा कि हम विरोध स्थल पर क्या कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते हैं. इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसान को नहीं.

किसानों का समर्थन पहुंचे दिलजीत दोसांझ
पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत सिंह दोसांझ (Diljit singh dosanjh) शनिवार को सिंघु बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) (Singhu border) पर प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmer Protest) से मिलने के लिए पहुंचे. किसानों से मुलाकात के बाद दिलजीत दोसांझ ने उन्हें संबोधित किया. उन्होंने कहा, 'हमारा केंद्र से सिर्फ एक अनुरोध है कि कृपया किसानों की मांगों को पूरा करें. यहां सभी लोग शांति से बैठे हैं और पूरा देश किसानों के साथ है.' दोसांझ ने कहा, आप सभी को सलाम, किसानों ने एक नया इतिहास रचा है. यह इतिहास आने वाली पीढ़ियों को सुनाया जाएगा. किसानों के मुद्दों को किसी के द्वारा भी मोड़ना नहीं चाहिए.
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