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किसानों का भारत बंद 2.0: कल दूसरी बार होगी देशव्यापी हड़ताल, यहां जानें सब कुछ

किसानों के दूसरे भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. (किसान आंदोलन की फाइल फोटो: Shutterstock)

किसानों के दूसरे भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. (किसान आंदोलन की फाइल फोटो: Shutterstock)

Bharat Bandh 2.0: किसानों (Farmers) के दूसरे भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. किसानों ने ऐलान किया है कि इस दौरान रेल और सड़क यातायात की भी अनुमति नहीं होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 4:45 PM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) की सरहदों पर जारी किसानों के विरोध को करीब 4 महीने बीत चुके हैं. ऐसे में सरकार के तीन नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ विरोध को तेज करने के लिए किसानों ने 26 मार्च शुक्रवार को भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया है. किसानों ने लोगों से इस बंद को सफल बनाने की अपील की है. बीते हफ्ते संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने ‘संपूर्ण भारत बंद’ के लिए रणनीति बनाने के लिए विभिन्न जन संगठनों और संघों के साथ बुधवार को मुलाकात की थी.

क्या-क्या रहेगा बंद
किसानों के दूसरे भारत बंद के दौरान सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. किसानों ने ऐलान किया है कि इस दौरान रेल और सड़क यातायात की भी अनुमति नहीं होगी. गंगानगर किसान समिति के रंजीत राजू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसान आंदोलन के चार महीने 26 मार्च को पूरे होने के मौके पर राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान के दौरान दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान 12 घंटे तक बंद रहेंगे.

उन्होंने बताया, ‘बंद सुबह छह बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा और इस दौरान सभी दुकानें तथा डेयरी और सब कुछ बंद रहेगा.’ यूनियन के नेताओं ने बताया है कि नए कृषि कानूनों के विरोध के रूप में किसान होलिका दहन में कानून की प्रतियां जलाएंगे. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 26 मार्च को बंद का समर्थन किया है.
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पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. ये सभी तीनों कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग कर रहे हैं. किसानों को डर है कि नए कानूनों के लागू होने के बाद एमएसपी खत्म हो जाएगी और कृषि पर बड़े कॉर्पोरेट का कब्जा हो जाएगा. हालांकि, मुद्दे को खत्म करने के लिए किसान और सरकार पक्ष की 10 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी ठोस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है.

खास बात है यह दूसरी बार है, जब किसानों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. किसानों ने इससे पहले बीती 8 दिसंबर को 'बंद' बुलाया था. इसका असर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और असम में देखा गया था. इसके अलावा किसानों को कई ट्रेड यूनियन और संगठनों का साथ भी मिला था. किसानों के समर्थन में कांग्रेस और राकंपा समेत 24 विपक्षी दल आ गए थे. (भाषा इनपुट के साथ)
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