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Tractor Rally: लाल किले के पास फंसे थे बच्‍चों समेत 200 कलाकार, दिल्‍ली पुलिस ने किया रेस्‍क्‍यू

दो घंटे तक लाल किले के पास फंसे रहे बच्चों सहित 200 कलाकारों को बचाया गया (फोटो साभार-AP)
दो घंटे तक लाल किले के पास फंसे रहे बच्चों सहित 200 कलाकारों को बचाया गया (फोटो साभार-AP)

Farmers Tractor March: किसानों की मांगों को रेखांकित करने के लिए आयोजित ट्रैक्टर परेड में शामिल प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर हिंसा पर उतर आए और उन्होंने अवरोधकों को तोड़ दिया. उनकी पुलिस के साथ झड़पें भी हुयीं.

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नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस परेड में शामिल बच्चों सहित करीब 200 कलाकार मंगलवार को लाल किले के पास उस समय फंस गए जब ट्रैक्टर परेड में शामिल किसान हिंसक हो गए और अवरोधकों को तोड़ कर प्रदर्शनकारी मुगल स्मारक में घुस गए. बाद में दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोपहर में करीब दो घंटे तक फंसे रहने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस के जवानों ने सुरक्षित बचा लिया. उन्हें नाश्ता दिया गया और सुरक्षित वहां से निकाला गया.

किसानों की मांगों को रेखांकित करने के लिए आयोजित ट्रैक्टर परेड में शामिल प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर हिंसा पर उतर आए और उन्होंने अवरोधकों को तोड़ दिया. उनकी पुलिस के साथ झड़पें भी हुयीं. प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को पलट दिया और लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया जहां देश का तिरंगा फहराया जाता है. पूरे इलाके में घंटों तक अराजक स्थिति बनी रही और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया तथा वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे.





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ट्रैक्टर परेड के बाद किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर अपने प्रदर्शन शिविरों में लौटना शुरू किया
राष्ट्रीय राजधानी में कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर परेड के दौरान घंटों फैली अराजकता के बाद हजारों किसानों ने मंगलवार शाम सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर स्थित अपने-अपने प्रदर्शन शिविरों की ओर लौटना शुरू कर दिया. लालकिले और मुकरबा चौक पर डटे किसान भी अपने शिविरों की ओर लौट गए. इससे पहले, हजारों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ विभिन्न हिस्सों से शहर में घुसे और उनमें से अनेक लालकिला परिसर पहुंच गए. लालकिले में स्थित ध्वज-स्तंभ पर भी कुछ किसान चढ़ गए और वहां अपना झंडा लगा दिया.

पुलिस ने अनियंत्रित प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए कई जगह लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस ने बताया कि किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान आईटीओ पर ट्रैक्टर पलटने से एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत हो गई. किसानों ने उसके शव को तिरंगे में लपेट दिया और उसे आईटीओ क्रॉसिंग पर रखा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भी नहीं ले जाने दिया. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अब आईटीओ क्रॉसिंग पर कोई प्रदर्शनकारी किसान नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है शहर में आज कई जगह अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई. प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से अवरोधकों को तोड़ दिया और उन्हें रोकने के लिए खड़ी की गईं बसों को ट्रैक्टरों से टक्कर मारी.
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