कृषि कानून के विरोध में चंडीगढ़ कूच कर रहे किसान, सुखबीर सिंह बादल कर रहे नेतृत्‍व

सुखबीर सिंह बादल कर रहे हैं मार्च का नेतृत्‍व.
सुखबीर सिंह बादल कर रहे हैं मार्च का नेतृत्‍व.

Farmers Protest against Agriculture Law: गुरुवार को किसान अपनी बात रखने के लिए चंडीगढ़ (Chandigarh) में घुसने का प्रयास करेंगे. उन्हें रोकने के लिए मुल्लांपुर, मटौर, जीरकपुर सीमा इलाका समेत अन्य जगहों पर पुलिस की तैनाती की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 10:26 AM IST
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नई दिल्‍ली/चंडीगढ़. केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून (Farm Laws) के विरोध में किसान (Farmers) बड़ी संख्‍या में प्रदर्शन कर रहे हैं. गुरुवार को पंजाब (Punjab) समेत अलग-अलग राज्‍यों से हजारों किसान चंडीगढ़ पहुंचेंगे. इसे देखते हुए शहर की अलग-अलग सीमा पर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है. सीमा पर चंडीगढ़ (Chandigarh) पुलिस को भी तैनात कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस से रैली की कोई अनुमति नहीं ली गई है. किसानों को रोकने के लिए मोहाली में 1500 पुलिसवाले तैनात किए गए हैं. किसानों का चंडीगढ़ के लिए यह कूच शुरू हो चुका है. इसका नेतृत्‍व शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल कर रहे हैं.

सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि किसानों का यह मार्च पंजाब राजभवन तक जाएगा. इसके बाद हम राज्‍यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे. उसमें केंद्र सरकार और राष्‍ट्रपति से अनुरोध किया जाएगा कि संसद सत्र फिर से बुलाकर कृषि कानूनों को वापस लिया जाए. किसानों का आंदोलन पंजाब में अधिक तेजी से दिख रहा है. गुरुवार को किसान अपनी बात रखने के लिए चंडीगढ़ में घुसने का प्रयास करेंगे. उन्हें रोकने के लिए मुल्लांपुर, मटौर, जीरकपुर सीमा इलाका समेत अन्य जगहों पर पुलिस की तैनाती की गई है.


पुलिस का कहना कि किसानों को चंडीगढ़ में घुसने नहीं दिया जाएगा. किसानों के कूच को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है.



वहीं, केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. पंजाब सरकार इन किसानों का समर्थन कर रही है. पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह (Amarinder singh) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो उनकी सरकार विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर राज्‍य के कानून में संशोधन करेगी. ताकि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों से लड़ा जाए. सीएम अमरिंदर ने मंगलवार को कानूनी विशेषज्ञों से इस संबंध में सलाह भी ली है. मुख्‍यमंत्री किसान यूनियनों के साथ बैठक भी कर चुके हैं.

वहीं बुधवार को किसानों ने धान की खरीद में कथित देरी को लेकर बुधवार को हरियाणा में कई स्थानों पर सड़कों को जाम कर दिया. किसानों ने अम्बाला जिले में अम्बाला हिसार राजमार्ग एवं अम्बाला जगाधरी राजमार्ग को जाम कर दिया जिससे गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई. इसी तरह कुरुक्षेत्रों और इससे सटे हुए जिलों में सड़कों को जाम किया गया. सैकड़ों की तादाद में किसानों ने अपने ट्रैक्टरों एवं ट्रॉलियों को सड़क के बीचोंबीच खड़ा कर दिया और धरने पर बैठ गए थे.

उनलोगों ने अम्बाला हिसार राजमार्ग को शहर के निकट एवं अम्बाला जगाधरी राजमार्ग को साहा गांव के निकट जाम कर दिया. पुलिस ने राजमार्ग के यातायात को वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ दिया है. पुलिस ने बताया कि विभिन्न अनाज मंडियों एवं राजमार्गों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है. भारतीय किसान यूनियन के नेता सुखविंदर सिंह जलबेरा एवं रमेश राणा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से किसान अम्बाला की विभिन्न अनाज मंडियों में धान की फसल लेकर आ रहे हैं.
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