क्रिकेट एसोसिएशन में करोड़ों के घोटाले के मामले में ईडी के सामने पेश हुए फारूक अब्दुल्ला, एक हफ्ते में दूसरी पेशी

फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला

सीबीआई ने साल 2018 में एक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें अब्दुल्ला समेत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पांच अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ 43.69 करोड़ रुपए की हेराफेरी करने के आरोप लगाए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 2:37 PM IST
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श्रीनगर. बुधवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (Jammu-Kashmir Cricket Association) में कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) प्रर्वतन निदेशालय (Enforcement Directorate (ED)) के सामने पेश हुए है. इस हफ्ते में अब्दुल्ला की यह दूसरी पेशी है. इस बारे में अब्दुल्ला का कहना है कि वह इससे परेशान नहीं हैं और जांच में सहयोग करते रहेंगे. मामले को लेकर पहली पूछताछ पिछले साल जुलाई में चंडीगढ़ में हुई थी.

इस मामले में पिछली बार पूछताछ जम्मू-कश्मीर की नेशनल कांफ्रेस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (People's Democratic Party) सहित बड़ी पार्टियों की अब्दुल्ला के घर हुई बैठक और ‘गुपकर घोषणपत्र‘ के लिए गठबंधन बनाने के फैसले के चार दिन बाद हुई थी.

क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बनाया आरोपी
ईडी (ED) अधिकारियों के मुताबिक, अब्दुल्ला का बयान धनशोधन (Money Laundering) निषेध कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जाएगा. माना जा रहा है कि ईडी अब्दुल्ला से जेकेसीए के अध्यक्ष रहते हुए एसोसिएशन में हुई कथित धोखाधड़ी के दौरान उनकी भूमिका और फैसले के बारे में पूछताछ कर रहा है.
ईडी ने सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर (FIR) को आधार बनाकर मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में जेकेसीए के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है, जिनमें महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा का नाम शामिल हैं.



सीबीआई ने साल 2018 में अब्दुल्ला, खान, मिर्जा के अलावा जेकेसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष मीर मंजूर गजनफ्फर अली, बशीर अहमद मिसगर और गुलजार अहमद बेग के खिलाफ जेकेसीए में करीब 43.69 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी करने को लेकर आरोपपत्र दाखिल किया. यह राशि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India (BCCI)) ने साल 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट को बेहतर बनाने और स्थिति सुधारने के लिए दी थी.
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