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फारूक अब्दुल्ला बोले- धारा 370 खत्म करने के बाद भी नहीं बदले कश्मीर के हालात

अब्दुल्ला ने कहा, किसानों की मांग जायज है और केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को वापिस लेना चाहिए.  (फ़ाइल फोटो)

अब्दुल्ला ने कहा, किसानों की मांग जायज है और केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को वापिस लेना चाहिए. (फ़ाइल फोटो)

Punjab Latest news in Hindi: फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि धारा 370 जम्मू कशमीर का अधिकार है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 370 को बहाल करने के लिए उन्होंने कभी चीन से मदद मांगने की बात नहीं कही.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2021, 8:56 PM IST
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चंडीगढ़. जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कहा है कि धारा 370 (Article 370) हटाने के बाद भी कश्मीर के हालात नहीं बदले हैं. उन्होंने दावा किया है कि वहां अभी भी पत्थरबाजी जैसे घटनाओं पर रोक नहीं लग पाई है.

अब्दुल्ला गुरुवार को पंजाब के फिरोजपुर में सारागढ़ी (Saragarhi) के शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. अब्दुल्ला वीरवार को पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सोढ़ी (Rana Gurmeet Sodhi) के घर पर रुके थे. उन्होंने कहा कि धारा 370 जम्मू कशमीर का अधिकार है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 370 को बहाल करने के लिए उन्होंने कभी चीन से मदद मांगने की बात नहीं कही. उन्होंने कहा कि वह भारत के साथ ही खड़े हैं.

उद्योगों का नहीं हुआ विस्तार
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में उद्योगों का भी विस्तार नहीं हो पाया है. एक भी इंडस्ट्री उद्योगों के नाम पर नहीं लगाई गई है. पूरे कश्मीर में अभी भी पहले जैसे ही हालत हैं. कश्मीर के लोगों की मन की भावना को अभी भी समझाा नहींं जा रहा है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के राजा हरि सिंह और और वहां के लोगों ने देश के बंटवारे के बाद धारा 370 की वकालत की थी.
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किसान आंदोलन का किया समर्थन
जबकि अब चुनावों में लोगों को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है. अब्दुल्ला ने कहा कि वह गांधी जी के भारत को अच्छी तरह से समझते हैं. पंजाब के किसानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की पैरवी करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से इन्हें रद्द करने की भी मांग की है. उन्होंने कहा है कि किसानों की मांग जायज है और केंद्र सरकार काे कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए.

इससे पूर्व उन्होंने फिरोजपुर छावनी स्थित सारागढ़ी के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी. इस मौके कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी विशेष तौर पर उपस्थित थे. उन्होंने कहा 21 सिख सैनिकों द्वारा 10 हजार पठानों के साथ बहादुरी से मुकाबला करने की मिसाल पूरी विश्व में अनूठी है.
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