फारूक अब्दुल्ला ने लोकसभा में उठाया जम्मू-कश्मीर का मुद्दा, पड़ोसी देश से बातचीत की पैरवी की

अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात करनी पड़ेगी (फाइल फोटो)
अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात करनी पड़ेगी (फाइल फोटो)

हिरासत से रिहा (release) होने के बाद पहली बार लोकसभा (Lok Sabha) में आपनी बात रखते हुए नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में प्रगति होनी चाहिए थी लेकिन वहां कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे बच्चों और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट (4G Internet) की सुविधा नहीं है, जबकि पूरे देश में है.’’

  • भाषा
  • Last Updated: September 19, 2020, 7:29 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM) और लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने शनिवार को केंद्रशासित प्रदेश (Union Territory) की मौजूदा स्थिति का मुद्दा शनिवार को सदन में उठाया और कहा कि चीन (China) की तरह दूसरे पड़ोसी देश (Neighboring Countries) से भी बातचीत होनी चाहिए. उन्होंने सदन में शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान कहा कि वे उन सभी लोगों का आभार प्रकट करना चाहता हैं जिन्होंने उनके हिरासत (arrest) में रहने के दौरान समर्थन जताया.

हिरासत से रिहा (release) होने के बाद पहली बार लोकसभा (Lok Sabha) में आपनी बात रखते हुए नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में प्रगति होनी चाहिए थी लेकिन वहां कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे बच्चों (children) और दुकानदारों के पास 4जी इंटरनेट (4G Internet) की सुविधा नहीं है, जबकि पूरे देश में है.’’

'अगर हिंदुस्तान तरक्की कर रहा है तो क्या जम्मू-कश्मीर को तरक्की नहीं करनी चाहिए'
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कुछ लोगों के कथित मुठभेड़ में मारे जाने का उल्लेख किया और कहा कि मुझे खुशी है कि सेना ने माना कि शोपियां में गलती से तीन आदमी मारे गए. अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संबंधित परिवारों को उचित मुआवजा मिलेगा.
उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि हम जिस तरह से चीन से बात कर रहे हैं उसी तरह पड़ोसी से बात करनी पड़ेगी. रास्ता निकालना पड़ेगा. अब्दुल्ला ने कहा कि अगर हिंदुस्तान तरक्की कर रहा है तो क्या जम्मू-कश्मीर को तरक्की नहीं करनी चाहिए.



शोपियां मुठभेड़ को लेकर उमर ने दोषियों के खिलाफ पारदर्शी कार्रवाई की वकालत की
इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और फारुक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा था कि शोपियां जिले में कथित मुठभेड़ में मारे गए तीन व्यक्तिों के मामले में दोषियों के खिलाफ की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए.

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उमर ने ट्वीट किया, 'मारे गए तीनों व्यक्तियों के परिजन लगातार उन्हें निर्दोष बताते रहे. सेना की ओर से शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई यह दर्शाती है कि सेना भी परिजन से सहमत है. यह प्रक्रिया आवश्यक तौर पर पारदर्शी रहनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.'
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