जम्मू-कश्मीर को अगर पाकिस्तान के साथ जाना होता तो 1947 में चला जाता: फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 28 साल वादे किए गए कि हम कश्मीरी पंडितों को वापिस लेकर आएंगे.
फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 28 साल वादे किए गए कि हम कश्मीरी पंडितों को वापिस लेकर आएंगे.

Farooq Abdullah: नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान के साथ जाना होता है तो ऐसा 1947 में ही हो जाता और इसे कोई भी नहीं रोक पाता.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 9:18 PM IST
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जम्मू. पिछले एक साल से ज्यादा समय में पहली बार जम्मू (Jammu Kashmir) में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते समय भावुक होकर फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने शुक्रवार को कहा कि पूर्ववर्ती राज्य के लोगों का संवैधानिक अधिकार बहाल होने तक वह नहीं मरेंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने भाजपा पर ‘‘देश को गुमराह करने’’ और जम्मू कश्मीर के साथ लद्दाख के लोगों से ‘‘झूठे वादे’’ करने के आरोप लगाए.

नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान के साथ जाना होता है तो ऐसा 1947 में ही हो जाता और इसे कोई भी नहीं रोक पाता. अब्दुल्ला ने कहा कि हमारा देश महात्मा गांधी का भारत है बीजेपी का भारत नहीं. गुपकर गठबंधन घोषणापत्र (पीएजीडी) की शनिवार को होने वाली बैठक के पहले शेर-ए-कश्मीर भवन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं से अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘अपने लोगों के अधिकार वापस लेने तक मैं नहीं मरूंगा ...मैं यहां लोगों का काम करने के लिए हूं, और जिस दिन मेरा काम खत्म हो जाएगा मैं इस जहां से चला जाऊंगा.’’


जम्मू, लद्दाख और कश्मीर को अलग किया जाएगा सोचा नहीं था
अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से जम्मू में अब्दुल्ला (84) की यह पहली राजनीतिक बैठक थी. अब्दुल्ला, अपने बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ दोपहर में यहां पहुंचे. पिछले एक साल से ज्यादा समय में वह पहली बार जम्मू आए हैं. अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि जम्मू, लद्दाख और कश्मीर को एक दूसरे से अलग कर दिया जाएगा.





हालात के कारण हम पीएजीडी के गठन के समय इन क्षेत्रों के लोगों को शामिल नहीं कर पाए और अब यहां आए हैं. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35 ए को फिर से बहाल करने तथा ‘‘काले कानूनों’’ को समाप्त करने के लिए दलों ने हाथ मिलाए हैं. (इनपुटः भाषा)
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