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गाड़ी के रजिस्ट्रेशन से पहले FASTag डिटेल्स लेगी सरकार, ये है वजह

VAHAN प्रणाली अब VIN / VRN (व्हीकल आइडेंटीफिकेशन नंबर / व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर) के माध्यम से FASTags पर सभी जानकारी प्राप्त कर रही है. FASTag सीधे जुड़े हुए प्रीपेड या बचत खाते से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल करता है.

VAHAN प्रणाली अब VIN / VRN (व्हीकल आइडेंटीफिकेशन नंबर / व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर) के माध्यम से FASTags पर सभी जानकारी प्राप्त कर रही है. FASTag सीधे जुड़े हुए प्रीपेड या बचत खाते से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल करता है.

VAHAN प्रणाली अब VIN / VRN (व्हीकल आइडेंटीफिकेशन नंबर / व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर) के माध्यम से FASTags पर सभी जानकारी प्राप्त कर रही है. FASTag सीधे जुड़े हुए प्रीपेड या बचत खाते से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल करता है.

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    नई दिल्ली. सरकार ने रविवार को पूरे देश में वाहनों के रजिस्ट्रेशन या फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के दौरान फॉस्टैग (FASTag) डिटेल्स को कैप्चर करना सुनिश्चित करने का फैसला किया है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Road Transport and Highway Ministry) ने एनआईसी से नए वाहनों के पंजीकरण से पहले और राष्ट्रीय परमिट वाले वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करते वक्त फास्टैग (FASTag) विवरण लेना सुनिश्चित करने के लिए कहा है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक एनआईसी (NIC) को लिखे एक पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) का वाहन पोर्टल (VAHAN Portal) के साथ पूरी तरह एकीकरण कर दिया गया है. इस पत्र की प्रतियां सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी गई हैं.

    विज्ञप्ति के मुताबिक VAHAN प्रणाली अब VIN/ VRN (वाहन पहचान संख्या/ वाहन पंजीकरण संख्या) के माध्यम से फास्टैग पर सभी जानकारी हासिल कर रही है. इस तरह मंत्रालय ने नए वाहनों का पंजीकरण करते वक्त और राष्ट्रीय परमिट के तहत चलने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते समय भी FASTag  विवरण लेना सुनिश्चित करने को कहा है.

    FASTag कैसे करता है काम
    फास्टैग एक रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान टैग है, जो गाड़ियों के आगे के शीशे पर लगा होता है. जब फास्टैग की मौजूदगी वाला व्हीकल टोल प्लाजा से गुजरता है तो टोल टैक्स फास्टैग से जुड़े प्रीपेड या बचत खाते से स्वत: कट जाता है. इस लेन-देन के लिए गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं होती. व्हीकल ओनर को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ट्रांजेक्शन की सूचना मिल जाती है. इससे समय की बचत होती है और व्हीकल बेरोकटोक गंतव्य की ओर जा सकते हैं.
    M और N श्रेणी के वाहनों की बिक्री के समय नए वाहनों में फास्टैग लगाना 2017 में अनिवार्य कर दिया गया था, लेकिन बैंक खाते के साथ जोड़ने या उन्हें सक्रिय किए जाने से लोग बच रहे थे, जिसकी अब जांच की जाएगी.  FASTag का फिटमेंट यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा को पार करने वाले वाहन FASTag भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का उपयोग करते हैं और नकद भुगतान से बचाता है.
    बयान में कहा गया है कि FASTag का यह उपयोग और प्रचार एनएच टोल प्लाजा में कोवि़-19 के प्रसार की संभावनाओं को कम करने के लिए भी प्रभावी होगा. मई 2020 की शुरुआत तक देश भर में कुल 1.68 करोड़ FASTags जारी किए गए हैं.

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