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ग्लेनमार्क का दावा, कोविड-19 के इलाज में कई तरह से फायदेमंद है फेविपिरावीर

ग्लेनमार्क (Glenmark) फार्मास्युटिकल्स ने दावा किया है कि उसकी दवा फेबिफ्लू (Fabiflu) कोरोना वायरस के इलाज में कई तरीके से मदद करती है.

ग्लेनमार्क (Glenmark) फार्मास्युटिकल्स ने दावा किया है कि उसकी दवा फेबिफ्लू (Fabiflu) कोरोना वायरस के इलाज में कई तरीके से मदद करती है.

ग्लेनमार्क (Glenmark) फार्मास्युटिकल्स ने दावा किया है कि उसकी दवा फेबिफ्लू (Fabiflu) कोरोना वायरस के इलाज में कई तरीके से मदद करती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 11:01 PM IST
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नई दिल्ली. दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स (Glenmark Pharma) ने दावा किया है कि उसकी वायरल रोधी दवा फेविपिरावीर (Favipiravir) कोविड-19 (Covid-19) के इलाज में कई तरह से लाभदायक है. इस दवा की खुराक तेजी से इलाज में भी सहायक है.

कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि नियंत्रित चरण तीन क्लिनिकल अध्ययन के नतीजों से यह निष्कर्ष निकला है. शेयर बाजारों (Share Market) को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि परीक्षण के नतीजों को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इन्फेक्शियस डिसिसीज (आईजेआईडी) में प्रकाशित किया गया है.

कंपनी फेविपिरावीर को फेबिफ्लू (Fabiflu) ब्रांड नाम से बेचती है. कंपनी ने तीसरे चरण का परीक्षण 150 मरीजों पर किया है. ग्लेनमार्क ने दावा किया कि फेविपिरावीर इलाज में कई तरह से फायदेमंद है. यह तेजी से इलाज में मदद करती है. साथ ही ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत को कम करती है.



कंपनी ने कहा, ‘‘मामूली संक्रमण वाले कोविड-19 के पुष्ट मामलों में ऐसे मरीजों को अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल गई, जिन्हें इलाज के दौरान फेविपिरावीर की खुराक दी गई थी. इन मरीजों के क्लिनिकल इलाज का समय 2.5 दिन घट गया.
बता दें कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 91 लाख पार कर गए हैं. संक्रमण के चलते देश में 1 लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच दुनिया भर से अलग-अलग वैक्सीन विकसित किए जाने की खबरें भी आने लगी हैं. भारत में इस वक्त 5 वैक्सीन अपने आखिरी दौर में हैं. इनमें से दो वैक्सीन के फरवरी 2021 तक मिलने की संभावना है.

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इस बीच भारत में ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन पर काम रहीं सीरम इंस्टीट्यूट ने बताया कि एस्ट्राजेनेका कोविड से बचाव में 90 प्रतिशत असरदार रही है. ऑक्सफोर्ड ने एक बयान जारी कर कहा कि ब्रिटेन और ब्राजील में किए गए परीक्षणों में वैक्सीन (AZD1222) खासी असरदार पाई गई.

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आधी डोज में दिए जाने पर वैक्सीन 90% तक प्रभावी मिली. इसके बाद दूसरे महीने में फुल डोज दिए जाने पर 62% असरदार देखी गई. इसके एक महीने बाद फिर दो फुल डोज में वैक्सीन का असर 70% देखा गया.
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