Union Budget 2018-19 Union Budget 2018-19

FBI ने जारी की नीरजा भनोट को मारने वाले 4 आतंकियों की तस्वीर

News18Hindi
Updated: January 12, 2018, 11:11 AM IST
FBI ने जारी की नीरजा भनोट को मारने वाले 4 आतंकियों की तस्वीर
(Image: FBI Washington Field/Twitter)
News18Hindi
Updated: January 12, 2018, 11:11 AM IST
एफबीआई ने 'हीरोइन ऑफ हाईजैक' बनी नीरजा भनोट के कातिलों की फोटो जारी की है. हाईजैकर्स मोहम्मद हाफिज अल टर्की, जमाल सईद अब्दुल रहीम, मोहम्मद अब्दुल्ला खलिल हुसैन अर्याल और मोहम्मद अहमद अल मुन्नव्वर गोलियों का निशाना बनी एयरहोस्टेस नीरजा ने अपनी जान पर खेलकर 360 लोगों को मरने से बचाया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन तस्वीरों को साल 2000 में एफबीआई द्वारा प्राप्त एज-प्रोग्रेसन टेक्नोलॉजी और मूल तस्वीरों का उपयोग करके एफबीआई प्रयोगशाला द्वारा बनाया गया था.

5 सितम्बर 1986 के दिन जो हुआ उसने अमेरिका, पाकिस्तान और भारत जैसे तीन देशों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया. दो दिन बाद नीरजा का बर्थडे था. वो मुंबई से अमेरिका जाने वाली पैन एम 73 फ्लाइट में सवार थीं. लेकिन कराची पहुंचते ही यह फ्लाइट हाईजैक हो गई.



जब विमान कराची पहुंचा तो आतंकी सिक्‍योरिटी की ड्रेस में एयरक्राफ्ट के अंदर घुसे. आतंकियों ने नीरजा को आदेश दिया कि वह सारे यात्रियों के पासपोर्ट कलेक्‍ट करें, जिससे विमान में सवार यात्रियों के बारे में पता चल सके. एयरक्राफ्ट के अंदर घुसते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी और एयरक्राफ्ट को अपने कब्‍जे में ले लिया था. आतंकी इस फ्लाइट को इजरायल में ले जाकर क्रैश करना चाहते थे. इस फ्लाइट में नीरजा मुख्य पर्सर के रूप में तैनात थीं. इस फ्लाइट में करीब 369 यात्री मौजूद थे.

नीरजा ने उस मुश्किल के क्षण में ऐसी हिम्मत दिखाई जो शायद किसी आम व्यक्ति की सोच से भी परे होती है. इमरजेंसी दरवाजे से नीरजा ने लगभग सभी को बाहर निकाल दिया. 3 बच्चों को बाहर निकालते वक्त आतंकियों ने उसपर गोलियों की बौछार कर दी और उनकी मौत हो गई.

उनकी  शहादत पर भारत ने ही नहीं बल्कि अमेरिका और पाकिस्तान ने भी आंसू बहाए थे. ये देश की पहली ऐसी नागरिक थीं, जिन्‍हें अशोक चक्र, जैसे किसी सर्वोच्‍च सैनिक सम्‍मान से नवाजा गया था. हालांकि उनकी हिम्मत के लिए दिया गया ये सम्मान उन्हें मरणोपरांत हासिल हुआ था. पहली बार पाकिस्तान ने भी  भारत की बेटी को 'तमगा-ए-इंसानियत' का सम्मान दिया.

गौरतलब है कि एक पत्रकार पिता और होममेकर मां की 'लाडो' नीरजा चंडीगढ़ में 7 सितम्बर 1963 को जन्मी थी. खूबसूरत थी और मॉडलिंग का शौक था, तो इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाने निकल पड़ी.

चार्मिस, बिनाका, बेस्टो वाशिंग पाउडर जैसे बहुत से विज्ञापनों में अपने टैलेंट को दुनिया के सामने पेश किया. 1985 में नीरजा की शादी गल्फ में रहने वाले नरेश मिश्रा से हुई. अब नीरजा को अपना मॉडलिंग करियर बीच में ही छोड़कर पति के साथ उसके देश जाना पड़ा. लेकिन कुछ ही महीनों में पति के बुरे व्यवहार और घरेलू हिंसा से परेशान होकर नीरजा ने अपने पति का घर छोड़ा और वापस अपने माता-पिता के पास मुंबई आ गई.

वापस आकर नीरजा ने एक बार फिर से अपना मॉडलिंग करियर शुरू किया. इस बीच उन्हें पैन एम नाम की फ्लाइट सर्विस में एयर होस्टेस की नौकरी मिल गई थी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर