गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन पहुंचाने के लिए FCI ने कसी कमर

कोरोना महामारी के बीच देश भर के गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन देने के लिए एफसीआई ने तैयारियां शुरू कर दी है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

कोरोना महामारी के बीच देश भर के गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन देने के लिए एफसीआई ने तैयारियां शुरू कर दी है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

Free Ration for Poor: इस साल मई और जून में 80 करोड़ से ज्यादा गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जाएगा. ये मदद नेशनल फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत दिए जाने वाले राशन से कहीं अधिक है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 3:31 PM IST
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कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच देश भर के गरीबों को राशन की दिक्कत न हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐलान को पूरा करने के लिए सरकारी संस्था एफसीआई यानी Food Corporation of India ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि इस साल मई और जून में 80 करोड़ से ज्यादा गरीबों को 5 किलो मुफ्त राशन दिया जाएगा. जानकारी के लिए बात दें कि ये मदद नेशनल फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत दिए जाने वाले राशन से कहीं अधिक है.

इस विशेष योजना के तहत, नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट में आने वाली दो योजनाओं पीएम अंत्योदय अन्न योजना औए पीएचएच यानी प्राइमरी हाउस होल्डर्स में आने वाले 80 करोड़ गरीबों को हर महीने मिलने वाली मदद से अतिरिक्त कोटा मिलेगा. इसमें प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न मिलेगा.

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राज्‍यों को 80 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त अनाज देगी केंद्र
सरकार के इस ऐलान को पूरा करने का बीड़ा उठाया है Food Corporation of India ने. एफसीआई ने मई और जून के महीने में इस विशेष योजना के लिए 80 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त अनाज राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों को देने का ऐलान किया हैं. खास बात ये है कि नेशनल फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत मई और जून 2021 के लिए एफसीआई को अब 179 लाख मेटिक टन राज्यों को आवंटित करना है.

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इसके अतिरिक्त आगे कहीं इनकी अकस्मात जरूरत नहीं पड़े इसके लिए एफसीआई खरीफ फसलों की खरीद और आने वाले दिनों में रबी की खरीद कर आगे की योजना भी बना चुका है. साल 2020-21 में जब केंद्र सरकार ने पीएम गरीब कल्याण योजना 1 और 2 का लागू किया था तब भी एफ़सीआई ने 104 लाख मेट्रिक टन गेहूं और 201 लाख टन चावल राज्य सरकारों और केंद्र शाषित प्रदेशों को भेजे थे.



इस बार भी कोरोना का संकट गहराता जा रहा है. लोग अपने घरों को लौट रहे हैं. ऐसे में उनके रोजगार और खाने की चिंता पीएम मोदी और केंद्र सरकार को है. इस लिए पिछले साल की तरह इस साल भी एफ़सीआई तैयार है इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए.
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