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लोकसभा से CAB पारित होने के बाद श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों को सता रहा प्रत्‍यर्पण का डर

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 12:24 PM IST
लोकसभा से CAB पारित होने के बाद श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों को सता रहा प्रत्‍यर्पण का डर
श्रीलंका में 1990 में छिड़े युद्ध के दौरान भागकर भारत आए श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी किसी भी हालत में वापस नहीं लौटना चाहते हैं.

लोकसभा (Lok Sabha) से नागरिकता संशोधन बिल 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) पारित होने के बाद श्रीलंका के तमिल शरणार्थियों (Tamil Refugees) में प्रत्‍यर्पण का डर बढ़ गया है. वे किसी भी हालत में अपने देश नहीं लौटना चाहते हैं. शरणार्थियों ने News18 से बातचीत में कहा कि श्रीलंका लौटने पर हमें नए सिरे से जिंदगी शुरू करनी होगी.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 12:24 PM IST
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पूर्णिमा मुरली

चेन्‍नई. श्रीलंका में 1990 में छिड़े युद्ध (Sri Lankan War) के दौरान वहां के तमिल (Sri Lankan Tamil) अपने परिवारों को बचाने की जद्दोजहद में भटक रहे थे. ऐसे ही एक परिवार की दर्शिनी चार लोगों के साथ बचते-बचाते एक नाव के जरिये तमिलनाडु (Tamil Nadu) के रामेश्‍वर जिले तक पहुंच गई थीं. उन्‍हें बस इतना याद है कि उनके पिता की युद्ध में मौत हो गई थी और उनकी मां श्रीलंका से बच निकलने के लिए रात में कई अलग-अलग जगहों पर छुप रही थीं. दर्शिनी को याद है कि कैसे वह, उनकी चार साल की बहन और उनकी मां एक वोट पर सवार होकर श्रीलंका से बच निकली थीं. तीनों करीब एक महीने तक रामेश्‍वरम में रहीं. इसके बाद उन्‍हें पुडुचेरी के नजदीक बनाए गए एक राहत शिविर में भेज दिया गया.

'श्रीलंका में हमारा सब कुछ उजड़ चुका है, लौटना मुश्किल'
दर्शिनी 29 साल भारत में रहने के बाद भारतीय नागरिकता हासिल करना चाहती हैं. उन्‍होंने New18 से बातचीत के दौरान बताया कि हमारे पास भारतीय नागरिकता नहीं है. मैं पांच साल की उम्र में भारत आई थी. मेरे माता-पिता को श्रीलंका छोड़ना पड़ा और हम शरणार्थी बन गए. मैं ही नहीं मेरे बच्‍चे भी शरणार्थी ही हैं. हमें यहां आए हुए 30 साल बीत चुके हैं. अगर हमें भारतीय नागरिकता मिल जाए तो बेहतर होगा. हम यहां शरणार्थी के तौर पर भी रह सकते हैं. श्रीलंका में हमारा सब कुछ उजड़ चुका है. ऐसे में हम वहां नहीं लौट सकते हैं.

'हम श्रीलंका लौटते हैं तो सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है'
चेन्‍नई से करीब 50 किमी दूर गुम्मिडीपंडी शरणार्थी शिविर में 3,000 शरणार्थी हैं. इनमें मुट्ठी भर लोग निजी कंपनियों में काम कर रहे हैं. बाकी लोग मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे हैं. शिविर में एक शरणार्थी स्‍कूल भी है, जिसमें 200 से ज्‍यादा बच्चे पढ़ रहे हैं. लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के बाद ये लोग डरे हुए हैं. उन्‍हें डर है कि अब उन्‍हें वापस श्रीलंका भेज दिया जाएगा. वे किसी भी हालत में श्रीलंका नहीं लौटना चाहते हैं. शरणार्थी विजयलक्ष्‍मी कहती हैं कि हम यहां 1990 से हैं. हम यहीं रहना चाहते हैं. अगर हम श्रीलंका लौटते हैं तो सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है. हमारे बच्‍चे यहां पढ़ रहे हैं. केंद्र सरकार यहां रुकने में हमारी मदद करे.

विजयलक्ष्‍मी (बायें) और अंगम्‍मा (दायें) शरणार्थी शिविर में.
राज्‍य सरकार शरणार्थियों को हर माह देती है राहत राशि
श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों का कहना है कि अगर हम वापस लौटते हैं तो हमें सब कुछ नए सिरे से शुरू करना होगा. यहां शरणार्थियों को राज्‍य सरकार की ओर से हर महीने राहत राशि दी जाती है. इसके तहत महिलाओं को 1,000 और पुरुषों को 750 रुपये मिलते हैं. वहीं, हर बच्‍चे को 400 रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा उनके बच्‍चों की पढ़ाई की जिम्‍मेदारी भी सरकार ही उठाती है. एक अन्‍य शरणार्थी अंगम्‍मा कहती हैं कि हमारी तीन पीढि़यां लगातार यहीं रह रही हैं. हम कभी भारत और कभी श्रीलंका में नहीं रुके हैं. हमारा पूरा परिवार मजदूरी करता है. मेरा बेटा पेंटर है और पति प्‍लंबर हैं. केंद्र सरकार हमें भारतीय नागरिकता दे ताकि हमारे बच्‍चों को अच्‍छी नौकरी मिल सके.

मद्रास हाईकोर्ट में दायर की है नागरिकता के लिए याचिका
तमिलनाडु में बनाए गए 107 शिविरों में 65,000 से ज्‍यादा श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी रह रहे हैं. इनमें ज्‍यादातर लोग किसी भी तरह से भारतीय नागरिकता हासिल करना चाहते हैं. तमिलों के एक समूह ने भारतीय नागरिकता के लिए मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ में याचिका भी दायर की हुई है. कोर्ट ने उन्‍हें निर्देश दिया है कि वे नागरिकता के लिए नए सिरे से आवेदन करें. चार साल की उम्र में भारत आए याची अमरनाथ को उम्‍मीद है कि उन्‍हें जल्‍द ही भारतीय नागरिकता मिल जाएगी. वह कहते हैं कि मैंने अपने जीवन की शुरुआत तमिलनाडु में की. मेरी पढ़ाई यहीं हुई. मैंने कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, नागरिकता का आवेदन कर दिया है.

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First published: December 11, 2019, 12:00 PM IST
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