आम चुनाव 2019: थर्ड फ्रंट ने खोले पत्ते, कांग्रेस के साथ इस 'शर्त' पर सरकार बनाने को तैयार

लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण के मतदान के पहले ही पार्टियों ने शुरू कर दी गठजोड़ की कोशिशें. जानिए, पूरा अपडेट.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 8:14 AM IST
आम चुनाव 2019: थर्ड फ्रंट ने खोले पत्ते, कांग्रेस के साथ इस 'शर्त' पर सरकार बनाने को तैयार
लोकसभा चुनाव 2019 के अंतिम चरण के मतदान के पहले ही पार्टियों ने शुरू कर दी गठजोड़ की कोशिशें. जानिए, पूरा अपडेट.
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Updated: May 15, 2019, 8:14 AM IST
आम चुनाव 2019 अब आखिरी चरण में पहुंच चुका है. आगामी 19 मई को अंमित चरण के वोट डाले जाएंगे और ठीक चार दिन बाद 23 मई को लोकसभा चुनाव 2019 परिणाम आ जाएंगे. लेकिन भारतीय राजनीति के प्रमुख दलों ने पहले ही जादूई आंकड़े तक पहुंचने की तरकीबें और उसके एवज में उठाए जाने वाले कदमों की पहले से ही चर्चा शुरू कर दी है.

असल में कई पा‌र्टियों के आतंरिक सर्वे में यह बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच पा रही है. इसलिए अब प्रमुख पार्टियां अपने पत्ते खोलने लगी हैं.



असल में चुनाव पूर्व महागठबंधन को लेकर कई स्तर पर प्रयास हुए. लेकिन अंततः तृण मूल कांग्रेस (TMC), तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) जैसी पार्टियों ने अकेले चुनाव लड़ने की ठानी. साथ ही बिना बीजेपी और बिना कांग्रेस वाले एक गठबंधन की तीसरे मोर्चे (थर्ड फ्रंट) की संकल्पना की.

ऐसा माना जा रहा है कि तीसरे मोर्चे के अहम सदस्य भारत की आगामी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे. इनमें टीआरएस और टीएमसी दोनों ही सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. केसीआर ही हीं आंध्र प्रदेश की प्रमुख पार्टी तेलगू देशम पार्टी (TDP) भी इसी प्रयास में है.

विजयी मुद्रा में केसीआर


के चंद्रशेखर राव ने जाहिर की मनःस्थिति
चुनाव परिणाम आने के बाद किसी तरह के गठजोड़ की संभवनाओं के लिए टीआरएस मुखिया ने पहले ही अपनी मंसा जाहिर कर दी है. उन्होंने साफ किया है कि वे चाहते हैं कि केंद्र तीसरा मोर्चा नीत सरकार बने. इसके लिए वो कांग्रेस का साथ दे सकते हैं.
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कांग्रेस का साथ देने से पहले रखी ये शर्त
केसीआर ने अपनी ओर से ये साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस का साथ सभी देंगे जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बजाए किसी स्‍थानीय नेता के पीएम पद के नाम आगे किया जाए.

टीआरएस के प्रवक्ता रसूल खान ने इस बाबत मीडिया से विस्तार से बात भी की. उन्होंने बताया टीआरएस और केसीआर दोनों चाहते हैं कि देश के अगले प्रधानमंत्री कांग्रेस से ना हो. अगर कांग्रेस इस शर्त को स्वीकार करती है तो उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए आगे आएगी.

कैसे देंगे साथ, क्या बनेंगे यूपीए का हिस्सा
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) या राज्यों में हुए गठबंधनों में टीआरएस और टीएमसी जैसे दल शामिल नहीं हैं. ऐसे में क्या सरकार बनाने के लिए टीआरएस यूपीए का रुख करेगी? इस सवाल के जवाब में टीआरएस प्रवक्ता साफ करते हैं कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी. अगर कांग्रेस राहुल गांधी के पीएम वाली शर्त को मान जाती है तो उनकी पार्टी कांग्रेस को बाहर समर्थन देगी.



बीजेपी के साथ जाने पर क्या कहती है टीआरएस
ऐसी खबरें लगातार उड़ रही हैं कि जादूई आंकड़े तक ना पहुंचने पर बीजेपी बीजू जनता दल (BJD), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) या भी टीआरएस से समर्थन मांग सकती है. लेकिन अब टीआरएस ने साफ कर दिया है कि वह किसी सूरत में बीजेपी के साथ सरकार बनाने नहीं जा रही है. टीआरएस प्रवक्ता रसूल खान का कहना है कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ नहीं जाएगी ना ही किसी मोर्चे पर बीजेपी का समर्थन लेगी.

क्या है थर्ड फ्रंट का अंदाजा
हाल ही में जब थर्ड को लेकर एक बड़े नेता ने ममता बनर्जी से मुलाकात करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने रिजल्ट से पहले मुलाकात ना करने को कहा था. लेकिन बाद में उन्होंने खुद को पीएम बनने को लेकर चल रही बातों में एक कदम आगे आकर कहा कि देश उन्हें पीएम के तौर पर देखना चाहता है. ऐसे में इन दोनों पार्टियों ने ठीक यूपी के अखिलेश-माया गठबंधन की तरह बर्ताव शुरू कर दिया है. सपा-बसपा गठबंधन से भी मायावती को पीएम बनने की मांग उठ रही है.

हालांकि टीआरएस प्रवक्ता रसूल खान का कहना है कि कांग्रेस इस चुनाव 100 सीट से ज्यादा नहीं जीत पाएगी. हालांकि क्षेत्रीय दलों जैसे सपा-बसपा गठबंधन, डीएमके, टीआरएस, टीएमसी, वाईएसआरसीपी जैसी पा‌र्टियां अच्छे नंबर जुटाने में सफल होएंगी. उन्होंने यह भी जोड़ा वाम दलों से भी बातचीत जाहिर दी गई है. उन्हें इस मिशन में जोड़ने की पूरी कोशिश की जाएगी.

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