CBSE के फीस बढ़ाने के फैसले से मचा बवाल, बोर्ड सचिव ने कहा- यह जायज कदम है, नहीं होगा वापस

सीबीएसई (CBSE) के सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी (secretary Anurag Tripathi) ने बढ़ी हुई फीस को जायज ठहराते हुए कहा कि अब इसे किसी भी हालत में वापस नहीं किया जाएगा. फीस बढ़ाना हमारी मजबूरी थी.

Rajiv Tiwari | News18Hindi
Updated: August 15, 2019, 8:25 PM IST
CBSE के फीस बढ़ाने के फैसले से मचा बवाल, बोर्ड सचिव ने कहा- यह जायज कदम है, नहीं होगा वापस
फीस बढ़ाना बोर्ड की मजबूरी- बोर्ड सचिव अनुराग त्रिपाठी
Rajiv Tiwari | News18Hindi
Updated: August 15, 2019, 8:25 PM IST
सीबीएसई बोर्ड (Central Board of Secondary Education) के सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी (secretary Anurag Tripathi) ने बढ़ी हुई फीस पर चल रही बयानबाजी और तरह-तरह की अटकलों पर पूर्ण विराम लागते हुए न्यूज़ 18 से कहा कि फीस बढ़ाना एकदम जायज कदम है. बढ़ी हुई फीस का निर्णय कहीं से गलत नहीं है. लिहाजा शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया है.

सिर्फ दिल्ली में एससी/एसटी के छात्रों को पहले की तरह 50 रुपए देकर 10वीं और 12वीं क्लास में रजिस्ट्रेशन करना होगा. यह इसलिए है कि बढ़ी हुई फीस के पैसे दिल्ली सरकार देगी. जबकि देश के बाकी हिस्से में सभी छात्र चाहें वह एससी/ एसटी हो या जनरल को बढ़ी फीस देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा.

सीबीएसई ने पांच साल बाद लिया ये फैसला
दरअसल, देखा जाय तो 5 साल बाद सीबीएसई ने अपने सभी फीस में बढ़ोत्तरी कर दी है, जिसके बाद छात्र-अभिभावक तो सवाल खड़े कर रहे हैं बल्कि कई पॉलिटिशियन भी इसका विरोध कर रहे हैं. मुख्य रूप से बीएसपी सुप्रीमो मायावती, ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक ने इस पर सवाल खड़े कर सियासत को गरमा दिए है.

जगह-जगह बोर्ड के इस कदम की हो रही आलोचना पर सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए सभी सवालों को सिरे से खारिज कर दिया.

अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि फीस बढ़ानी बोर्ड की मजबूरी थी, अगर छात्रों को बेहतर सुविधा देनी है तो फीस बढ़ाना ही रास्ता था. छात्रों की फीस 750 से 1500 की गई है और यह वार्षिक फीस है. इसमें छात्र को परीक्षा कराने से लेकर मार्कशीट देने तक की व्यवस्था है. जबकि अन्‍य किसी फीस में कोई बदलाव नहीं है.

इस वजह से बढ़ा कन्‍फ्यूजन
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कुछ लोगों के दिमाग में कन्फ्यूजन था कि फीस 50 रुपए से 1200 बढ़ गई है, जबकि ऐसा नहीं है. पहले दिल्ली में एससी/एसटी के छात्रों से 375 रुपए फीस ली जाती थी, लेकिन छात्र सिर्फ 50 देकर अपना रजिस्ट्रेशन कराते थे. वहीं बाकी 325 रुपए दिल्ली सरकार देती थी. यह व्यवस्था पहले से चली आ रही है और यह व्यवस्था सिर्फ दिल्ली राज्य में है देश के दूसरे हिस्सों में नहीं है.

कन्फ्यूजन दूर करने के लिए हमने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूल के एससी/एसटी छात्र फिर से सिर्फ 50 रुपए देकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. जबकि बाकी के 1150 रुपए दिल्‍ली सरकार सीबीएसई को देगी.

हालांकि दूसरे राज्यों में वहां की सरकार की तरफ ऐसी व्यवस्था नहीं है,लिहाजा एसी/एसटी के छात्रों को 10वीं और 12वीं में बढ़ी हुई फीस 1200 रुपए देकर ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जबकि जनरल कटेगरी के छात्रों को 750 की जगह बढ़ी हुई फीस 1500 देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा.

फीस बढ़ाने की ये है वजह
सीबीएसई का यह कदम छात्र हित में है, क्‍योंकि सीबीएसई एक बड़ी संस्था है जिसके खर्च भी हैं. पहले कई परीक्षाओं का आयोजन कराकर भी सीबीएसई कुछ पैसे इक्कठा कर लेती थी, लेकिन वह परीक्षा अब एनटीए करा रही. बहरहाल, फीस बढ़ोत्तरी नो प्रॉफिट नो लॉस के तहत है. यह सबकुछ छात्रों की बेहतरी के लिए किया गया है.

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First published: August 15, 2019, 8:16 PM IST
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