त्योहार का मौसम बन रहा कोरोना के मामले बढ़ने का कारण, एक्सपर्ट्स ने कहा- इस नई मुश्किल से निपटने के लिए तैयार हैं

राजधानी दिल्ली में 23 अक्टूबर के बाद बढ़ी है संक्रमितों की संख्या. (REUTERS/Anushree Fadnavis/Files- NEWS18.COM)
राजधानी दिल्ली में 23 अक्टूबर के बाद बढ़ी है संक्रमितों की संख्या. (REUTERS/Anushree Fadnavis/Files- NEWS18.COM)

कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर लोग अब पहले की तरह सतर्क नजर नहीं आ रहे हैं. त्योहार का मौसम आते ही लोगों ने जोखिम उठाकर दूसरों से मिलना-जुलना शुरू कर दिया है. इसे एक्सपर्ट्स मामलों में बढ़ोतरी का बड़ा कारण बता रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 2:30 PM IST
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नई दिल्ली. त्योहारों का मौसम (Festive Season) भले ही शुरू हो गया है, लेकिन कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है. यही वजह रही है कि इन दिनों कोरोना के मामलों में हल्का इजाफा देखा जा रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो लोग खुद को वायरस से सुरक्षित समझ रहे हैं और सावधानियों का पालन नहीं कर रहे हैं. इतना ही नहीं एक्सपर्ट्स का एक पैनल त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही मामलों में बढ़त की भविष्यवाणी कर चुका था. समिति के मुताबिक, सर्दी और त्योहारों के चलते देश की राजधानी में रोज 14 हजार तक मामले सामने आ सकते हैं.

राजधानी में 23 अक्टूबर के बाद लगातार बढ़े हैं मामले
राजधानी दिल्ली में कोविड मरीजों की संख्या 23 अक्टूबर के बाद से बढ़ी है. 23 को यहां 4048, 24 को 4116 और 25 अक्टूबर को 4136 केस सामने आए थे. जबकि, यह आंकड़ा 27 अक्टूबर को 4853 और 27 अक्टूबर को 5673 तक पहुंच गया था. इस दौरान केवल 26 अक्टूबर को मामलों में कमी आई. इस दिन यहां केवल 2832 केस मिले.

केवल 5 प्रदेशों में हुईं 58 प्रतिशत नई मौतें
मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण (Rajesh Bhushan) ने बताया कि बीते पांच हफ्तों से लगातार कोरोना वायरस के औसत मामलों में गिरावट हो रही है. उन्होंने बताया कि भारत का रिकवरी रेट 90.62 प्रतिशत है और इसका लगातार बढ़ना एक अच्छी निशानी है. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भूषण ने बताया कि बीते 24 घंटों में मौत के नए 58 फीसदी मामले केवल महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में ही सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि त्योहार के कारण केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में मामले बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि 1 लाख से 10 लाख तक रिकवरी पहुंचाने में हमें 57 दिन का समय लगा था, लेकिन हाल ही में हुईं नई 10 लाख रिकवरी केवल 13 दिनों में पूरी हो गईं.





लापरवाह हो गए हैं लोग
नई दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल के डॉक्टर एस चटर्जी के मुताबिक, बीते हफ्ते त्योहारों के कारण लोग एक-दूसरे मिले-जुले हैं. इस वजह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी नजर आई है. हालांकि, उन्होंने यह साफ किया है कि दिल्ली के डॉक्टर और हॉस्पिटल आने वाले मामलों का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर काफी कुछ जानकारी मिल चुकी है.
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