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भारत रत्न को लेकर 'अपशब्द' कहने के आरोप में असमिया गायक जुबीन गर्ग के खिलाफ FIR

भारत रत्न को लेकर 'अपशब्द' कहने के आरोप में असमिया गायक जुबीन गर्ग के खिलाफ FIR

असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की फाइल फोटो

असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की फाइल फोटो

वॉट्सऐप पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें गर्ग कथित रूप से अपना नया गाना 'पॉलिटिक्स ना करिबो बंधू' (राजनीति ना करो दोस्त) गाने के बाद भारत रत्न को लेकर अपशब्द कहते सुने जा रहे हैं.

    भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' को लेकर कथित रूप से 'आपत्तिजनक भाषा' का इस्तेमाल करने को लेकर असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

    दरअसल वॉट्सऐप पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से जुबीन गर्ग ने 'भारत रत्न' को लेकर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. इस ऑडियो क्लिप में गर्ग कथित रूप से अपना नया गाना 'पॉलिटिक्स ना करिबो बंधू' (राजनीति ना करो दोस्त) गाने के बाद भारत रत्न को लेकर अपशब्द कहते सुने जा रहे हैं.

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    इसे लेकर असम के बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्य रंजन बोराह ने होजई जिले के लंका पुलिस थाने में शनिवार (26 जनवरी) को एफआईआर दर्ज करवाई है. बोराह ने फेसबुक पर एक बयान में लिखा है, 'जुबीन गर्ग से मुझे कोई निजी परेशानी नहीं है, लेकिन उनका व्यवहार असम के स्वस्थ और सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है.'

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    बोरा ने साथ ही कहा, 'जुबीन गर्ग एक संस्थान हैं. काफी लोग उनके प्रशंसक हैं और उन्हें फॉलो करते हैं. भारत रत्न को बदनाम करके उन्होंने डॉ. भूपेन हजारिका का भी अपमान किया है, जिन्हें लोग असम की आवाज के रूप में जानते हैं और उनके ऊपर गर्व करते हैं.'

    बता दें कि जुबीन गर्ग ने 2016 के असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रचार अभियान के लिए एक गीत लिखा था, लेकिन विवादास्पद नागरिकता संसोधन विधेयक को लेकर वह सत्ताधारी पार्टी से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने बीजेपी से अपने गीत के लिए फीस मांगने के साथ चुनाव में उनके इस गीत की वजह से मिले वोट सरेंडर करने की मांग की थी.

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    दरअसल नागरिकता संसोधन विधेयक को लेकर असम सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में भारी विरोध हो रहा है. इस बिल में 1955 के नागरिकता कानून में संसोधन की बात कही गई है, जिसके लागू हो जाने पर बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी मुल्कों से आए हिन्दू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों के लिए भारत की नागरिकता लेने की प्रक्रिया को आसान किया गया है. इसके तहत वह छह साल भारत में रहने के बाद बिना किसी जरूरी दस्तावेज के यहां की नागरिकता ग्रहण कर सकेंगे.

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    Tags: Assam, Bharat ratna, BJP, NRC Assam, Police, Whatsapp

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