लड़की को ‘धमकाने और उत्पीड़न’ के आरोप में फैक्ट चेकिंग साइट के सह संस्थापक के खिलाफ FIR

लड़की को ‘धमकाने और उत्पीड़न’ के आरोप में फैक्ट चेकिंग साइट के सह संस्थापक के खिलाफ FIR
मोहम्मद जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है (News18 क्रिएटिव)

FIR के बाद मोहम्मद जुबैर ने हालांकि, खुद पर लगे आरोपों (allegations) से इनकार किया और कहा, ‘‘यह निश्चित तौर पर तुच्छ शिकायत है. मैं कानूनी रूप से इसका जवाब दूंगा.’’

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की साइबर शाखा ने ट्विटर (Twitter) के जरिए नाबालिग लड़की को ‘धमकाने और उत्पीड़न’ करने (bullying and harassment) के आरोप में अल्टन्यूज वेबसाइट के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग (NCPCR) की शिकायत पर जुबैर के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) और यौन अपराधों से बच्चों के सरंक्षण अधिनियम (POCSO) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

जुबैर ने हालांकि, खुद पर लगे आरोपों (allegations) से इनकार किया और कहा, ‘‘यह निश्चित तौर पर तुच्छ शिकायत है. मैं कानूनी रूप से इसका जवाब दूंगा.’’ एनसीपीसीआर (NCPCR) ने शिकायत में लड़की और उसकी दादी की तस्वीर (photos) का हवाला दिया है जिसे जुबैर ने कथित तौर पर पीड़िता (victim) के पिता के साथ ऑनलाइन बहस (online debate) के बाद साझा किया था.

NCPCR के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने ट्विटर को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा
हालांकि, लड़की का चेहरा धुंधला कर दिया गया था लेकिन शिकायतकर्ता ने कहा कि उसकी पहचान जाहिर हो सकती है क्योंकि उसकी दादी का चेहरा पहचानने के योग्य है. एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने पुलिस को लिखे शिकायती पत्र में कहा कि वह जुबैर द्वारा ऑनलाइन धमकी दिए जाने और ट्विटर पर नाबलिग लड़की का पीछा करने के मामले में कार्रवाई चाहते हैं. उन्होंने ट्विटर को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है.
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कानूनगो ने शनिवार को ट्वीट किया था, ‘‘एनसीपीसीआर को मिली कार्रवाई रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी व्यक्ति के खिलाफ ट्विटर पर नाबालिग लड़की को धमकी देने और उत्पीड़न करने के मामले में प्राथिमिकी दर्ज की गई है. अनुरोध के तहत ट्विटर इंडिया को संबंधित जानकारी देने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है.’’
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