COVID-19: स्‍वदेशी टेस्‍ट किट 'फेलुदा' को मिली मंजूरी, पेपर स्ट्रिप से 2 घंटे में पता लगाएगा कोरोना संक्रमण

बेहद सटीक है फेलुदा टेस्‍ट.
बेहद सटीक है फेलुदा टेस्‍ट.

वैज्ञानिकों के अनुसार फेलुदा बिलकुल प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट की तरह है. अगर यह कोरोना वायरस (Coronavirus) को पकड़ लेता है तो कागज की स्ट्रिप पर यह रंग बदल देता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 3:24 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश-दुनिया में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामलों के बीच वैज्ञानिक विभिन्‍न स्‍तर पर इस महामारी से निपटने के रास्‍ते खोजने के लिए शोध कर रहे हैं. इसी क्रम में देश में स्‍वदेशी कोविड 19 टेस्‍ट (Covid 19 Test) को विकसित किया गया है. इसका नाम 'फेलुदा' रखा गया है. इसके जरिये सटीक, किफायती तरीके से जल्‍द कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है. इस टेस्‍ट से कोरोना वायरस संक्रमण की पहचान वाली रिपोर्ट दो घंटे में आती है.

ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने टाटा सीआरआईएसपीआर (क्लस्टर्ड रेगुलरली इंटरस्पेस्ड शॉर्ट पालिंड्रोमिक रिपीट्स) कोविड-19 जांच 'फेलुदा' के व्यावसायिक लॉन्च को मंजूरी दे दी है. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद(सीएसआईआर) ने शनिवार को यह जानकारी दी. सीएसआईआर ने एक बयान में कहा, 'इस जांच में कोरोना वायरस के जीनोम अनुक्रम का पता लगाने के लिए एक स्वदेशी रूप से विकसित, अत्याधुनिक सीआरआईएसपीआर तकनीक का उपयोग किया गया है.'





टाटा सीआरआईएसपीआर जांच की सटीकता का स्तर पारंपरिक आरटी-पीसीआर जांच जितना ही है, लेकिन यह कम समय, कम लागत में परिणाम देती है और इसका इस्तेमाल भी आसान है. इस तकनीक को सीएसआईआर-आईजीआईबी (इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी) द्वारा विकसित किया गया है.
जानकारी दी गई है कि फेलुदा 96 फीसदी तक सटीक नतीजे देता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह बिलकुल प्रेग्‍नेंसी टेस्‍ट की तरह है. अगर यह कोरोना वायरस को पकड़ लेता है तो कागज की स्ट्रिप पर यह रंग बदल देता है. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने इसे भारतीय वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया है.
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