देश के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ जिन्होंने 1971 में पाक को सिखाया सबक

9 जून, 1923 में इदरीश का जन्म हैदराबाद में हुआ था. वो एक मात्र ऐसे मुस्लिम एयर फोर्स अफसर थे जो एयर चीफ मार्शल के पद पर पहुंचे थे. एक मई, 2018 को 94 वर्ष की उम्र में उनका इंतकाल हो गया था.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 2:34 PM IST
देश के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ जिन्होंने 1971 में पाक को सिखाया सबक
फाइल फोटो- पीएम स्वर्गीय इंदिरा गांधी के साथ इदरीश हसन लतीफ.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 2:34 PM IST
आज़ाद भारत के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ इदरीस हसन लतीफ का आज जन्मदिवस मनाया जा रहा है. 9 जून, 1923 में इदरीश का जन्म हैदराबाद में हुआ था. वो एक मात्र ऐसे मुस्लिम एयर फोर्स अफसर थे जो एयर चीफ मार्शल के पद पर पहुंचे थे.

बीते वर्ष एक मई, 2018 को 94 वर्ष की उम्र में उनका इंतकाल हो गया था. इदरीश 18 साल की उम्र में 1941 में रॉयल इंडियन एयर फोर्स में भर्ती हुए थे और 1981 में रिटायर हुए थे. रविवार को दिल्ली के ओखला में सामाजिक संस्था की ओर से उनके जन्म दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

इस मौके पर उनके जीवन के कई पहलूओं पर रोशनी डाली गई. अलग-अलग क्लास में अव्वल आने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया. वहीं इदरीश हसन लतीफ के बारे में बताया गया कि 1947 में भारत विभाजन के समय उन्हें पाकिस्तान व इंडियन दोनों एयरफोर्स में शामिल होने का विकल्प मिला, लेकिन उन्होंने भारत का ही विकल्प चुना. बाद में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल और फ्रांस में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया.

फाइल फोटो- अपनी पत्नी के साथ आज़ाद भारत के पहले मुस्लिम एयर फोर्स चीफ इदरीस हसन लतीफ.


इदरीश देश के 10वें वायु सेना प्रमुख बने थे. देश के बंटवारे के वक़्त जहां एक तरफ़ इनके दोस्त मलिक नूर और असग़र खान पाकिस्तान चले गए और वहां के सेना प्रमुख बने जबकि इदरीश ने अपने दोस्तों के बहुत बुलाने पर भी पाकिस्तान नहींं गए और हिंदुस्तान में रहते हुए ही एयर चीफ़ बने.

बटवारे से पहले इन तीनों दोस्तों ने भारत के लिए कई लड़ाई लड़ी. दूसरे विश्वयुद्ध में भी साथ लड़े. लेकिन 24 साल बाद 1971 की जंग में आमने सामने थे और इस जंग में पाकिस्तान को सरेंडर करना पड़ा था. उस वक़्त इदरीश अस्सिस्टेंट एयर चीफ के पद पर थे. मिग-23 और बाद में मिग-25 को इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में शामिल कराने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी.

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First published: June 9, 2019, 1:39 PM IST
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